CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ में दो लोगों की गिरफ्तारी को लेकर छत्तीसगढ़ से लेकर नई दिल्ली और केरल तक सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मामले में सोमवार को संसद के बाहर प्रदर्शन किया। संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व सांसद प्रियंका वाड्रा ने एक्स पोस्ट करके विरोध दर्ज कराया है। इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का भी बयान आया है,जबकि भाजपा ने तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस छत्तीसगढ़ दो नन को गिरफ्तार किए जाने का विरोध कर रही है। दोनों नन को रविवार को दुर्ग रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया है। इन दोनों नन के साथ नारायणपुर की तीन आदिवासी लड़कियां भी थीं।
दोनों नन नारायणपुर की तीन लड़कियों को लेकर आगरा जाने की तैयारी में थी। तभी दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल के कार्यकार्ताओं ने उन्हें घेर लिया। बजरंग दल ने लड़कियों को मंतातरण (धर्म बदलने) के लिए ले जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों नन को गिरफ्तार कर लिया है।
दुर्ग पुलिस ने जिन दो नन को गिरफ्तार किया है उनके नाम सिस्टर वंदना और सिस्टर प्रीति है। दोनों मलयाली हैं। ग्रीन गार्डंस समुदाय से तालूक रखती हैं।
छत्तीसगढ़ में दोनों नन की गिरफ्तारी के विरोध में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप् करने की मांग की है। विजयन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा है कि दोनों नन को केवल बजरंग दल के दावे के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस घटना के विरोध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और यूडीएफ के सांसदों ने भी इस संदर्भ में संसद में भी चिंता किया, प्रदर्शन किया। एआईसीसी महासचिव के सी वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट करे कहा है कि भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर हमलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है, चाहे वह छत्तीसगढ़ हो, ओडिशा हो या मध्य प्रदेश हो।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ननों के मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ननों के साथ जाने वाली महिलाएं रोजी-रोटी के लिए स्वेच्छा से जा रही थी। बिना पूरी पड़ताल के बजरंग दल, भाजपा, आरएसएस के लोगों ने उनके साथ मारपीट किया और दबावपूर्वक उनकी गिरफ्तारी करवाई गई। यह भाजपा की सरकार का अतिवादी अलोकतांत्रिक चरित्र है।
नारायणपुर की तीन बेटियों को नर्सिंग की ट्रेनिंग दिलाने और उसके पश्चात जॉब दिलाने का वादा किया गया था। नारायणपुर के एक व्यक्ति के द्वारा उन्हें दुर्ग स्टेशन पर दो ननो को सुपुर्द किया गया, जिनके द्वारा उन बेटियों को आगरा ले जाया जा रहा था। इसमें प्रलोभन के माध्यम से ह्यूमन ट्रैफिकिंग करके मतांतरण किए जाने की कोशिश की जा रही थी। यह महिलाओं की सुरक्षा से सबंधित गंभीर मामला है। इस मामले में अभी जांच जारी है। प्रकरण न्यायालीन है और कानून अपने हिसाब से काम करेगा। छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय प्रदेश है जहां सभी धर्म-समुदाय के लोग सद्भाव से रहते हैं। हमारी बस्तर की बेटियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक रूप देना बेहद दुर्भाग्यजनक है।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने कहा है कि बच्चियों की तस्करी और मतांतरण कराने के मामले में दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी का विरोध करके कांग्रेस तुष्टीकरण की शर्मनाक राजनीति कर रही है। चिमनानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियों की तस्करी का जिन पर आरोप है, उनके पक्ष में कांग्रेसी खड़े हो रहे हैं!
चिमनानी ने हैरानी जताई कि इस मामले में राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, वेणु गोपाल लगातार चिट्ठियां लिख रहे हैं और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी अपने बस्तर की बेटियों का पक्ष न लेकर के अपने आलाकमान के निर्देशों का पालन कर जी-हुजूरी कर रहे हैं, उनके सुर-में-सुर मिला रहे हैं। यह घृणित कृत्य है।
राम राम @priyankagandhi जी,
रायपुर ASP ऑफिस के नीचे 17 साल की बच्ची का गैंगरेप हुआ
तब आपने ‘भ्रष्ट ठगेश की पाठशाला’ के मालिक के साथ मिलकर 2 दिन केस दबाया
सिर्फ़ इसलिए कि आपसे दौरे पर सवाल ना हो
अब बेटियों में धर्म ले आई?
आज धर्म पर आंसू, तब हिंदू बेटियों पर मौन?
इतना दोगलापन… pic.twitter.com/LS3V9Od8ax
चिमनानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार संकल्पित है। आज यह फिर से प्रमाणित हो गया कि छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता जरूरत के समय छत्तीसगढ़वासियों के पक्ष में खड़े नहीं होंगे और वह अपने आकाओं की ही बात मानेंगे।
चिमनानी ने कहा मानव तस्करी जैसे गंभीर मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी कैसे दिल्ली से बैठकर आरोपियों को क्लीन चिट दे रहे हैं? क्या अब गांधी परिवार न्यायालय का भी काम करने लगा हैं? उन्हें कैसे पता जो आरोपी हैं वह निर्दोष हैं? छत्तीसगढ़ की बेटियों की मानव तस्करी से जुड़े इस अति संवेदनशील विषय पर आरोपियों के पक्ष में खड़े होना बेहद आपत्तिजनक है। छत्तीसगढ़ की बेटियां कभी कांग्रेस को माफ नहीं करने वाली है।