
CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिला में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के बीच तनातनी की आशंका बढ़ गई है। आधी रात को बंगले के बाहर धरना दिए जाने से नाराज साहब ने जिले की पुलिसिंग पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। कलेक्टर ने इस मामले में एसपी को पत्र लिखा है, जो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
15 अगस्त का है पूरा मामला
कलेक्टर और एसपी के बीच तनातनी का यह पूरा मामला 15 अगस्त का है। उस दिन शाम को शहर में आंधी-पानी के बीच बिजली तार टूटे। कई बंदर इन तारों की चपेट में आ गए। तीन बंदर की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रुप से घायल हो गए। गंभी रुप से घायल बंदरों को लेकर कुछ लोग इलाज के लिए सरकारी वेटनरी अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिले।
CG News तहसीलदार और एसडीएम का भी मोबाइल बंद
बंदर को लेकर अस्पाल पहुंचे लोगों ने वेटनरी डॉक्टर को फोन लगाया तो उनका मोबाइल बंद आया। तहसीलदार और एसडीएम का भी मोबाइल बंद मिला। इससे लोगों को गुस्सा भड़क गए और रात करीब डेढ़ बजे कुछ लोग कलेक्टर बंगले के बाहर धरने पर बैठ गए।
कलेक्टर बंगले के बाहर धरने का वीडियो भी बनाया
कलेक्टर बंगले के बाहर धरना दे रहे लोगों ने इसका वीडियो बनाया। इस वीडियो में लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाला और वीडियो को सोशल मीडिया में पोस्ट कर दिया।
CG News पुलिस वालों ने कराया इलाज
घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी ने धरना दे रहे लोगों को अपने साथ लेकर वेटरनी डॉक्टर के घर पहुंची और वहां बंदरों का उपचार कराया।
18 को कलेक्टर ने एसपी को पत्र लिखा
इस मामले में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने एसपी धर्मेंद्र सिंह को यह पत्र 18 अगस्त को लिखा था, जो अब सार्वजनिक हुआ है। कलेक्टर ने लिखा है कि 19 मई 2025 की रात और उसके बाद 15 अगस्त 2025 की रात डेढ़ बजे उनके बंगले का घेराव किया गया। कलेक्टर ने पुलिस की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा है कि रात में पेट्रोलिंग पार्टी क्या कर रही थी?
एसपी को लिखे पत्र में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने लिखा है कि यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में लगी पुलिस की गंभीर त्रुटि प्रदर्शित करती है। उन्होंने लिखा कि कलेक्टर बंगले के पास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।




