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CG News फेडरेशन की एक और पहल पर सरकार की मुहर: 4 जनवरी से लागू गई है यह बड़ी योजना

karmchari adhikari federation

CG News  रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन राज्य के शासकीय सेवकों की सबसे बुलंद आवाज है। प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में फेडरेशन अपने कामों से इस बात को बार-बार साबित कर रहा है। एक बार फिर फेडरेशन की पहल पर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। प्रदेश के सभी नियमित शासकीय सेवकों को इसका लाभ होगा। बता दें कि फेडरेशन की फेडरेशन मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त शासकीय सेवकों के 135 से अधिक संगठन का संयुक्‍त संगठन है।

फ्री में मिलेगा एक करोड़ 60 लाख रुपए तक का बीमा

प्रदेश के शासकीय सेवकों को एक करोड़ 60 लाख तक का बीमा मिलेगा। इसके लिए उन्हें किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। सरकार ने इस योजना के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ करार किया है। बता दें कि फेडरेशन की तरफ से यह मांग की गई थी। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा की तरफ से इस विषय में सरकार के साथ अलग-अलग स्तरों पर कई बार पत्रचार किया गया था। फेडरेशन की तरफ से किए गए पत्रचार की पूरी खबर  देखने के लिए यहां क्लिक करें

22 दिंसबर को बैंक के साथ समझौता

फेडरेशन की इस पहल पर मुहर लगाते हुए सरकार ने बीते 22 दिसंबर को स्टेट बैंक आफ इंडिया के साथ समझौता किया। इसके तहत प्रदेश के शासकीय सेवकों को 10 लाख रुपए तक के समूह बीमा के साथ एक करोड़ 60 लाख रुपए तक की बीमा का लाभ मिलेगा। स्टेट बैंक के साथ किए गए करार के तहत शासकीय सेवकों को कितना मिलेगा बीमा का लाभ जानने के लिए यहां क्लिक करें

4 जनवरी से लागू हो गई है योजना

बैंक के साथ हुए समझौते के तहत योजना 4 जनवरी से लागू हो गई है। इसको लेकर वित्त विभाग ने राज्य के सभी विभागों, राजस्व मंडल और संभाग आयुक्तों के साथ कलेक्टरों को पत्र जारी कर दिया है। इसमें बीमा का लाभ लेने के लिए शासकीय सेवकों को क्या करना पड़ेगा, इसकी जानकारी दी गई है। इस खबर को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

निलंबित साथियों की बहाली

बता दें कि 11 सूत्रीय मांगों को लेकर फेडरेशन की तरफ से 29 से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल किया गया था। इस हड़ताल के दौरान एक जिला में कलेक्टर ने फेडरेशन के जिला संयोजक समेत तीन सदस्यों को निलंबित कर दिया था। फेडरेशन ने इस मामले में सीधे मुख्य सचिव से शिकायत की। इसका असर यह हुआ की दूसरे ही दिन संभाग आयुक्त ने निलंबित आदेश निरस्तर कर दिया।

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