
CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ में मिड डे मिल बनाने वाले प्रदेशभर के रसोईया आंदोलन कर रहे हैं। रसोईयों का यह आंदोलन बीते 30 दिनों से चल रहा है। प्रदेशभर के रसोईया नवा रायपुर में धरने पर बैठे हुए हैं। इस बीच दो रसोईयों की कथिततौर पर आंदोलन के दौरान मौत की खबर पर बवाल खड़ा हो गया है।
वायरल हुई यह खबर
डीपीआई के अनुसार एक खबर वायरल हुई है। इसके अनुसार नवा रायपुर के तूता में आंदोलन कर रहे दो रसोईयों की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई है। डीपीआई ने इस पर स्पष्टीकरण जारी किया है।
धरना स्थल पर नहीं बिगड़ी तबीयत
संचालक लोक शिक्षण संचालनालय की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि जिन दो रसोईयों की मौत हुई है उनमें एक बालोद जिला और दूसरी बेमेतरा जिला से बताया जा रहा है। बालोद जिला से जो रसोईया की मौत हुई है वह 20 और 21 जनवरी को हडताल में उपस्थित थी लेकिन वह वापस अपने निवास स्थल वापस चली गई थी जहां तबियत खराब होने से उसे दल्ली राजहरा के शासकीय हास्पिटल में भर्ती किया गया था। जहां आज उसकी मृत्यु हो गई।
बीमार थी दूसरी रसोईया
वहीं, दूसरी महिला बेमेतरा जिला के बेरला विकासखंड की है जो पूर्व से बीमार थी। उसे शंकराचार्य हास्पिटल भिलाई में भर्ती किया गया था जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हुई है। राज्य सरकार सभी रसोईयों के प्रति संवेदनशील है और उनके स्वास्थ्य के प्रति सतर्क है।
मानदेय में बढ़ोतरी, फिर भी आंदोलन
डीपीआई ने अपने बयान में बताया है कि हडताल में बैठे रसोईयों के प्रतिनिधियों की संचालक लोक शिक्षण संचालनालय और सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग से मुलाकात हुई थी।
अधिकारियों की तरफ से सरकार का उनके प्रति संवेदनशील होने की जानकारी देते हुए इनके मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि अर्थात 500 रुपए की वृद्धि के लिए कार्यवाही की जाने की जानकारी देते हुए हड़ताल खत्म कर घर वापस जाने कहा गया था लेकिन वे हड़ताल वापस न लेते हुए धरना स्थल पर बैठे रहने का निर्णय लिया।




