
CG News रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले की ‘ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण’ को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 के लिए चुना गया है।
यह घोषणा गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। सरकार ने यह पहल विभागों और जिलों में नवाचार, ठोस परिणाम और नागरिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में की है।
इस पुरस्कार के लिए जिलों और विभागों से 312 प्रविष्टियां मिली थी। इसमें से 10 नवाचारों का चयन किया गया। इसमें निर्माण जशपुर, टेक-होम राशन, हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट एप और इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल भी शामिल है। यह पुरस्कार सुशासन एवं अभिसरण विभाग की तरफ से दिया जा रहा है।
पुरस्कारों की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये पुरस्कार इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य शासन सार्वजनिक प्रशासन के केंद्र में नवाचार, ठोस परिणाम और नागरिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। शासन की गुणवत्ता को केवल मंशा या व्यय के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक, मापनीय प्रभाव, विस्तार-योग्यता और जमीनी समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर आंका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार इस नई प्रशासनिक सोच को संस्थागत रूप देने का प्रयास हैं, जहां तकनीक, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधार मिलकर सार्वजनिक सेवा को सशक्त बनाते हैं।
इन नवाचारों का चयन
दंतेवाड़ा जिले की Blockchain-based land record digitization ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण: इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन Blockchain आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख Land records प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी Fraud पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन Revenue administration के लिए एक नया मानक स्थापित किया।
जशपुर जिले की Construction Jashpur निर्माण जशपुर: इस पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने Real-time monitoring रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड Geo-tagged सत्यापन आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता quality में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का Take-home rations टेक-होम राशन: इस नवाचार innovation ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों international institutions के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों Malnourished children में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में Positive change सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
गरियाबंद Elephant tracking and alert app हाथी ट्रैकिंग और अलर्ट ऐप: मानव-वन्यजीव संघर्ष Human-wildlife conflict को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। एआई आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट Real-time alerts व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ Compensation burden में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन Sensitive governance का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।
नारायणपुर जिले का Identify Intelligence Tool इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल: यह आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण data integration की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल Geospatial और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद Left-wing extremism प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।
विभागीय श्रेणी में इन्हें मिलेगा पुरस्कार
विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का ‘विद्या समीक्षा केंद्र Vidya Review Center (वीकेएस) ‘ डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह एआई सक्षम प्लेटफॉर्म AI-enabled platform 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों students की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट drop out की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की One-click single window system ‘वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम‘ ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन Approval, प्रोत्साहन encouragement, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
0 वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस E-governance सुधार पहल ने राजस्व संग्रह revenue collection और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया। एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड Real-time dashboard के माध्यम से विभाग ने 5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।
0 वन विभाग की एफडीएस 2.0 FDS 2.0- ई-कुबेर डिजिटल E-Kuber Digital भुगतान प्रणाली ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णत: Cashless कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से 1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान wage payment, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी transparent फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।
0 पंचायत विभाग की तरफ से मनरेगा अंतर्गत लागू क्यूआर कोड QR code आधारित सूचना स्वप्रकटिकरण व्यवस्था ने Citizen-centric governance नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों Gram Panchayats में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।







