
CG NHM रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 16 हजार कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। एनएचएम के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीते 17 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच सरकार ने एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के संरक्षक हेमंत सिन्हा और महासचिव कौशलेश तिवारी समेत 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। बाकी कर्मचारियों को भी काम पर लौटने की सख्त हिदायत के साथ बर्खास्त करने की चेतावनी दी गई है।
गुरुवार को सामूहिक इस्तीफा
एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के 25 प्रमुख पदाधिकारियों की बर्खास्तगित के दूसरे दिन प्रदेश के सभी 16 हजार कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों की तरफ से ज्ञापन मिला है, लेकिन अभी स्वीकार नहीं किया गया है।
CG NHM 18 अगस्त से कर रहे हैं आंदोलन
एनएचएम में कार्यकरत प्रदेशभर के संविदा कर्मचारी पिछले 18 अगस्त से आंदोलन कर रहे हैं। एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार के सामने 18 मांगें रखी है। इनमें संविलियन और स्थायीकरण के साथ 27 प्रतिशत की वेतन वृद्धि आदि शामिल है।
CG NHM यह है प्रमुख 10 मांगें
संविलियन और स्थायीकरण
पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
ग्रेड पे निर्धारण
लंबित 27% वेतन वृद्धि
सीआर सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी
रेगुलर भर्ती में सीटों का आरक्षण
अनुकंपा नियुक्ति
मेडिकल और दूसरे लीव की सुविधा
ट्रांसफर पॉलिसी
मिनिमम 10 लाख तक कैश-लेस मेडिकल इंश्योरेंस
सरकार ये 5 मांग पूरी करने को है तैयार
सीआर सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी
मेडिकल और दूसरे लीव की सुविधा
ट्रांसफर पॉलिसी – कमेटी बनाने को कहा गया है
मिनिमम 10 लाख तक कैश लेस मेडिकल इंश्योरेंस
27% की जगह केवल 5% वेतन वृद्धि के लिए तैयार
CG NHM बर्खास्तगी का यह है आदेश
छत्तीसगढ़ प्रदेश NHM कर्मचारी संघ के आह्वान पर आप 18 अगस्त 2025 से अपनी 10 सूत्रीय मांगो का लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। संघ के मांगों के संदर्भ में 13 अगस्त 2025 को राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक के माध्यम से सक्षम स्तर पर निर्णय लिया जा चुका है। इस निर्णय के तारतम्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, कार्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा आवश्यक निर्देश भी प्रसारित किये जा चुके है।
आपको हड़ताल से अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया था लेकिन आप कार्य पर उपस्थित नहीं हुए। इसी अनुक्रम में संदर्भित पत्र क्रमांक 04 के माध्यम से भी आपको दिनांक 01 सितंबर 2025 को पुनः नोटिस जारी किया गया था जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 24 घंटे के भीतर अपने कार्य स्थल पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें अन्यथा आपके विरूद्ध संविदा शर्तों अनुरूप सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जाएगी। आपके द्वारा आज दिनांक तक अपने कार्य पर उपस्थिति नहीं दी गई है, जो कि लोकहित के विरूद्ध एवं पूर्णतः अनुचित है। आपका यह कृत्य छ०ग० सिविल सेवा आचरण नियम 1965 तथा मानव संसाधन नीति-2018 की कंडिका कमांक 34.3 के अनुसार कदाचार की श्रेणी में भी आता है।
आपको नैसर्गिक न्याय के तहत सेवा पर उपस्थित होने के लिए अवसर प्रदान किया गया था जिसका पालन आपके द्वारा नहीं किया गया। अतः आपकी संविदा नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है।







