CG PSC रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) की भर्तियों में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई (CBI) ने शुक्रवार को बड़ी कार्यवाही की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने आज पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक Controller of Examinations और सेवानिवृत्त आईएएस IAS शामिल हैं।
सीजी पीएससी भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में CBI सीबीआई ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें पीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक Aarti Vasnik, सेवानिवृत्त आईएएस व PSC के पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव Jeevan Kishore Dhruv, उनके पुत्र सुमित ध्रुव, निशा कोसले Nisha Kosle, दीपा आदिल शामिल है।
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी से पहले सीबीआई ने इन पांचों आरोपियों को एक दिन पहले ही हिरासत में ले लिया था। पांचों को आज गिरफ्तार करने के बाद रायपुर स्थित स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।
बताते चलें कि सीबीआई ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें सुमित ध्रुव भी शामिल हैं। ध्रुव पीएससी PSC के पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव के पुत्र हैं। सुमित का डिप्टी कलेक्टर Deputy Collector के पद पर चयन हुआ था।
पीएससी भर्ती में हुई गड़बड़ी की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने दिसंबर 2024 में आरती वासनिक से पूछताछ कर चुकी है। तब सीबीआई ने पूछताछ के बाद आरती वासनिक को छोड़ दिया था।
बता दें कि सीजीपीएससी 2020-2022 परीक्षा के दौरान चयन प्रकिया में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी व अन्य लोगों पर पक्षपात के आरोप लगे थे। इस आरोप के बाद सीबीआई ने इसकी जांच शुरू की। इस मामलें में पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी जेल में हैं।
सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल Shravan Kumar Goyal को 18 नंवबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद 10 और 12 जनवरी 2025 को डिप्टी कलेक्टर Deputy Collector के पद पर चयनित नितेश सोनवानी Nitesh Sonwani (तत्कालीन अध्यक्ष के भतीजे), ललित गणवीर तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक Deputy Controller of Examinations, डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित शशांक गोयल और भूमिका कटियार व साहिल सोनवानी शामिल है। सभी आरोपी वर्तमान में जेल में बंद है।