CG Vidhanabha रायपुर। नया रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का भव्य भवन बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका विधिवत लोकापर्ण करेंगे। राज्य स्थापना के करीब 25 साल बाद राज्य विधानसभा अपने खुद के भवन में शिफ्ट होने जा रहा है। विधानसभा का यह सफर टेंट से शुरू हुआ था, जो अत्याधुनिक और भव्य भवन में जाकर पूरा हो जाएगा। इन 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने कई इतिहास रचा है। 90 सदस्यीय विधानसभा ने ऐसे-ऐसे काम किए जो दूसरी विधानसभाओं से लेकर संसद तक के लिए नजीर बना हुआ है।
नवंबर 2000 में राज्य स्थापना के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहली बैठक 14 से 19 दिसंबर 2000 तक आयोजित हुई, लेकिन तब तक विधानसभा के लिए कोई भवन तय नहीं हो पाया था, ऐसे में राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में टेंट से अस्थायी विधानसभा तैयार किया गया। नवगठित छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों ने वहीं शपथ ग्रहण किया। विधानसभा के पहले अध्यक्ष का चुनाव भी उसी अस्थायी भवन में हुआ।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मौजूदा भवन भी उसका अपना नहीं है। यह भवन राजीव गांधी राष्ट्रीय भूजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान का है। पहले सत्र के समापन के करीब दो महीने बाद 27 फरवरी 2001 को मौजूदा भवन में विधानसभा के बजट सत्र की बैठक शुरू हुई। बताते चलेंकि इसकी स्थापना 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय, भारत सरकार के एक प्रशिक्षण स्कंध के रूप में 1997 में रायपुर में की गई थी। विधानसभा चौक का नाम पहले जीरो प्वाइंट था। पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा का पता में जीरो प्वाइंट लिखा जाता था, लेकिन समय के साथ वहां स्थित चौक का नाम विधानसभा चौक हो गया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 25 साल के अल्प समय में ही कई बड़े उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य विधानसभा में लागू एक नियम की चर्चा देश ही नहीं संसदीय प्रणाली वाले दूसरे देशों में भी होती है। छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा है, जहां गर्भगृह (वेल) में पहुंचते ही सदस्य स्वमेव निलंबित हो जाते हैं। यह नियम राज्य की पहली विधानसभा ने बनाया था। यही वजह है कि संसद या दूसरे राज्यों की विधानसभा में गर्भगृह में होने वाला हंगामा यहां नजर नहीं आता है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा को अब तक देश के तीन राष्ट्रपति संबोधित कर चुके हैं। 28 जनवरी 2004 को राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने देश की स्वतंत्रता के बाद सर्वप्रथम जिस विधानसभा में सदस्यों को संबोधित किया, उसका गौरव छत्तीसगढ़ विधानसभा को प्राप्त है। उसके बाद राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल ने भी सदन में सदस्यों को संबोधित किया। मौजूदा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने मार्च 2025 में सदस्यों को संबोधित किया था।
विधानसभा में सबसे लंबी बैठक का रिकार्ड बन चुका है। 22 दिसंबर 2017 को विधानसभा की बैठक बिना भोजन अवकाश के लगातार 19 घंटे तक चली थी। यह संभवत: देश के इतिहास में सबसे लंबी चलने वाली बैठक है। इस दौरान सदन में सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी।
वर्ष 2005 में देश के पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन छत्तीसगढ़ विधानसभा में हुआ। 2005 में ही विधेयकों के प्रारूपण पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 2010 में चतुर्थ इंडिया एशिया रीजन राष्ट्रकुल संसदीय सम्मेलन यहां हुआ था।
विधानसभा के 25 साल के इतिहास में अब तक नौ बार सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई है। इसमें अजीत जोगी के नेतृत्व वाली पहली सरकार के खिलाफ तीन साल में दो बार अविश्वास प्रस्ताव आया था। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली दूसरी और तीसरी सरकारों के खिलाफ एक-एक बार अविश्वास प्रस्ताव आया। डॉ. रमन के नेतृत्व वाली तीसरी सरकार के खिलाफ तीन बार और भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के खिलाफ दो बार अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में चर्चा हुई। सभी नौ प्रस्ताव गिर गए थे।
नया रायपुर में बनकर तैयार हुआ विधानसभा का नया भवन अत्याधुनिक और भव्य है। 52 एकड़ में बना यह भवन तीन ब्लॉक में बंटा हुआ है। नए विधानसभा भवन के एक विंग में विधानसभा सचिवालय, दूसरे में विधानसभा का सदन, सेंट्रल-हॉल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का कार्यालय और तीसरे विंग में मंत्रियों के कार्यालय है।
भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए भवन के सदन में 200 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है। यहां 500 दर्शक क्षमता का ऑडिटोरियम बना है। 700 कारों की पार्किंग का इंतजमा किया गया है। परिसर में डेढ़-डेढ़ एकड़ के दो सरोवरों का निर्माण भी किया गया है।
नए भवन का भूमिपूजन 29 अगस्त 2020 को हुआ था। तब प्रदेश में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी और डॉ. चरणदास महंत विधानसभा के अध्यक्ष थे। टेंडर के बाद अगस्त 2022 वर्क आर्डर जारी किया गया। निर्माण के लिए 24 महीने की समय सीमा तय की गई थी। इस हिसाब से अगस्त 2024 में इसे पूरा हो जाना था।
नए भवन के निर्माण में लगभग 324 करोड़ रुपए खर्च हुआ है। एक नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भवन का लोकापर्ण करेंगे। विधानसभा के शीतकालीन सत्र की बैठक नए भवन में होने की संभावना है।
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल 14 दिसंबर 2000 से 19 दिसंबर 2003
प्रेमप्रकाश पाण्डेय 22 दिसंबर 2003 से 04 जनवरी 2009
धरमलाल कौशिक 05 जनवरी 2009 से 05 जनवरी 2014
गौरीशंकर अग्रवाल 06 जनवरी 2014 से 03 जनवरी 2019
डॉ. चरणदास महंत 04 जनवरी 2019 से 18 दिसंबर 2023
डॉ. रमन सिंह 13 दिसंबर 2023 से …
नाम कार्यकाल
भगवान देव इसरानी 2000 से 2004
देवेंद्र वर्मा 2004 से 2017
चंद्रशेखर गंगराड़े 2017 से 2022
दिनेश शर्मा 2022 से…..
महेन्द्र बहादुर सिंह
राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल
बोधराम कंवर
सत्यनारायण शर्मा
रामपुकार सिंह ठाकुर
राम विचार नेताम
नंद कुमार बघेल
महेंद्र कर्मा
रविंद्र चौबे
टीएस सिंहदेव
धर्मलाल कौशिक व नारायण चंदेल
डॉ. चरणदास महंत