CG Vidhansabha रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की बुधवार को बैठक में फिर बालोद में हुई राष्ट्रीय जंबूरी का मुद्दा उठा। मामला प्रश्नकाल के दौरान हुआ। इस दौरान विपक्ष की तरफ से उठाए जा रहे सवालों का उत्तर देते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन मंत्री के उत्तर से असंतुष्ट कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।
राघवेंद्र कुमार सिंह ने पूछा कि मंत्री गजेंद्र यादव 13 दिसंबर 2025 को भारत स्काउट गाइड के पदेन अध्यक्ष मनोनित किए गए, लेकिन टेंडर उससे पहले ही जारी कर दिया गया था। उन्होंने पूछा कि टेंडर की प्रक्रिया के लिए किसीने अनुमति दी।
मंत्री गजेंद्र यादव ने इसका विस्तार से उत्तर दिया, बताया कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय आयोजन था। कार्यक्रम के लिए स्थल चयन का काम राष्ट्रीय संयुक्त निदेशक ने किया था। आयोजन से पहले वे यहां आए थे। वे कार्यक्रम के लिए प्रस्तावित नवा रायपुर और बालोद का निरीक्षण किया। मंत्री ने बताया कि आयोजन के लिए कई तरह की जरुरत थी, उसके हिसाब से बालोद को उन्होंने उपयुक्त माना।
इसके बाद संयुक्त निदेशक ने बालोद कलेक्टर के साथ बैठक की और पूछा कि हम वहां आयोजन करेंगे, तो आप अनुमति देंगे क्या। उन्होंने बताया कि टेंडर हमने नहीं लगाया, जिला प्रशासन और कलेक्टर ने लगाया।
मंत्री ने बताया कि टेंडर का निर्णय राज्य कार्यकारिणी की बैठक में हुआ था और टेंडर जिला प्रशासन की तरफ से अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने जारी किया था।
विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि 10 तारीख को को पहला टेंडर जारी किया गया था उसमें 90 प्वाइंट था, उसे रद्द करके शर्तों को 90 से कम करके 52 कर दिया गया है। 4 तारीख को टेंडर खुलने से पहले ही काम शुरू हो गया था। उन्होंने विधायकों की समिति से मामले की जांच की मांग की।
इस पर मंत्री ने कहा कि इसमें जांच की जरुरत नहीं है, वहां किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। नेशनल का कार्यक्रम था, नेशनल का पार्ट अलग था, हमार काम 10 तारीख के बाद का था। इस मामले में मंत्री के उत्तर से नाराज कांग्रेस के सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के नेतृत्व में बाहिर्गमन किया।