
CG Vidhansabha रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा की एक दिवसीय विशेष सत्र 18 नवंबर को प्रस्तावित है। सदन की यह बैठक बेहद खास होगी। विधानसभा के मौजूदा भवन में यह अंतिम बैठक होगी।
अधिसूचना जारी
छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा का सप्तम सत्र मंगलवार 18 नवंबर 2025 को आहूत किया गया है। विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा ने बुधवार को सत्र की अधिसूचना जारी कर बताया कि एक दिवसीय इस सत्र में विधानसभा के पच्चीस वर्षों की संसदीय यात्रा पर केंद्रित विषयों पर चर्चा होगी। पुराने विधानसभा भवन में यह आखिरी बैठक हो सकती है।
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उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन नया रायपुर में बनकर तैयार है। गत एक नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया है। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि विधानसभा का आगामी शीतकालीन सत्र नए विधानसभा भवन में होगा। ऐसे में पुराने विधानसभा भवन में एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया है, जिसमें 25 वर्ष इस भवन में बिताए और किए गए संसदीय कार्यों पर चर्चा की जाएगी।
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बता दें कि राजधानी के बलौदाबाजार मार्ग पर ग्राम बरौंदा में 27 फरवरी 2001 को छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन प्रारंभ हुआ। राज्य निर्माण के समय भवन का इंतजाम नहीं होने की वजह से विधानसभा का पहला सत्र 14 दिसंबर 2000 को राजधानी के राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में संपन्न हुआ। दूसरे सत्र के बाद अब तक की संसदीय यात्रा में पुराने विधानसभा भवन के कई यादें जुड़ी हुई हैं। जिसे देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने एक दिवसीय सत्र आहूत किया है।
पहली विधानसभा में भी थे ये 8 मौजूदा विधायक
छत्तीसगढ़ की मौजूदा विधानसभा सदस्यों में आठ विधायक ऐसे हैं, जो 2000 में पहली विधानसभा में भी थे। इनमें कांग्रेस के दो और छह भाजपा विधायक हैं। मौजूदा विधायकों में शामिल कांग्रेस के भूपेश बघेल और कवासी लखमा पहली विधानसभा के भी सदस्य थे।
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इसी तरह 1998 में विधानसभा का चुनाव जीतने वालों में भाजपा के अजय चंद्राकर, बृजमोहन अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह और रामविचार नेताम भी पहली विधानसभा के सदस्य थे।
केवल एक पहली विधानसभा से अब तक
मौजूदा विधायकों में केवल एक ही ऐसे हैं जो पहली विधानसभा से लेकर अब तक लगातार चुनाव जीतकर सदन के सदस्य बनते आ रहे हैं। हालांकि 2023 के चुनाव में ऐसे दो विधायक चुने गए थे। इनमें कवासी लखमा और बृजमोहन अग्रवाल शामिल थे, लेकिन अग्रवाल अब सदन के सदस्य नहीं हैं, वे 2024 में सांसद चुने जाने के बाद विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था।
दोनों नहीं रहेंगे सदन में
1998 से 2023 तक लगातार चुनाव जीने वाले कांग्रेस और भाजपा के दोनों सदस्य विधानसभा की 18 तारीख को होने वाली बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगें, क्योंकि भाजपा के बृजमोहन अग्रवाल अब सदन के सदस्य नहीं हैं। वहीं कांग्रेस के कवासी लखमा शराब घोटाला के आरोप में जेल में बंद हैं।




