CG Vidhansabha उमेश पटेल ने पूछा- MD पर कार्यवाही करेंगे क्‍या? मंत्री बोले- परीक्षण कराएंगे जो भी हो..कार्यवाही करेगें

schedule
2026-03-13 | 09:08h
update
2026-03-13 | 09:08h
person
chaturpost.com
domain
chaturpost.com

CG Vidhansabha  रायपुर। छत्‍तीसगढ़ विधानसभा में आज (शुक्रवार) अलसी की खेती का मामला उठा। कांग्रेस के उमेश पटेल ने इसको लेकर सवाल किया। उन्‍होंने पूछा कि 2024-25 में अलसी की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग की तरफ से कहां-कहां के किन-किन किसानों को कितने हेक्टेयर में अलसी की खेती करने के लिए कृषि विभाग की तरफ से बीज दिया गया किया गया था?

छत्‍तीसगढ़ के 19 IAS, 15 IFS व  06 IPS दागी: कुल 50 मामले, एक IAS पर 7, चार पर दो-दो FIR, देखिए पूरी सूचीAMP

इसके जवाब में मंत्री  रामविचार नेताम ने बताया कि रायगढ में वर्ष 2024-25 में अलसी की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग की तरफ से सबमिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल योजनांतर्गत 17 किसानों को 6.00 हेक्टेयर रकबा के लिए 1.20 कि. व टारगेटिंग राइस फेलो एरिया योजनांतर्गत 175 किसानों को 150.00 हेक्टेयर रकबा के लिए 30 कि. इस प्रकार कुल 192 किसानों को 156.00 हेक्टेयर हेतु कुल 31.20 क्वि. बीज प्रदाय किया गया।

मंत्री राम विचार नेताम ने बताया कि छत्‍तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमि. अंतर्गत बीज प्रक्रिया केन्द्र बोईरदादर जिला रायगढ़ ने बीज उत्पादन कार्यक्रम के लिए पंजीकृत 02 कृषकों को कुल 0.60 क्वि. अलसी बीज प्रदाय किया गया था, जिससे 12 कि. कच्चा बीज प्राप्त हुआ। अन्य किस्मों तथा खरपतवार के बीज मिश्रित होने के कारण बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा 9 कि. बीज अमानक (फेल) श्रेणी का पाया गया।

छत्‍तीसगढ़ के 12 एडिशनल और डिप्‍टी कलेक्‍टर हैं निलंबित: किसी पर यौन शोषण तो किसी पर हत्‍या का आरोपAMP

इसी प्रकार बीज प्रक्रिया केन्द्र चपले जिला-रायगढ़ द्वारा बीज उत्पादन कार्यक्रम हेतु पंजीकृत 19 कृषकों को 8.40 क्वि. अलसी बीज प्रदाय किया गया था, जिससे 186.50 क्वि. कच्चा बीज उत्पादित किया गया। 158.49 कि. बीज मात्रा अन्य किस्मों और खरपतवार के बीज मानक स्तर से अधिक होने तथा बीज की भौतिक शुद्धता व अंकुरण क्षमता मानक स्तर से कम होने के कारण बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा अमानक (फेल) श्रेणी का पाया गया।

शासकीय सेवकों को घर बनाने के लिए 5% ब्याज दर पर 75 लाख का एडवांस:  HBA के लिए प्रस्‍तावAMP

छत्‍तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा जारी बीज नीति, जिसका अनुपालन करते हुए बीज उत्पादन कार्यक्रम लिए जाते हैं, में बीज के नमूने फेल होने की स्थिति में नुकसान की प्रतिपूर्ति का कोई प्रावधान नहीं है।

मंत्री ने उत्‍पादन प्रभावित होने का कारण बताया, कहा कि किसानों ने विलंब से बोनी किया। किसान पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं किया गया था इस लिए भी उत्‍पादन पर्याप्‍त नहीं और ग्रेड का नहीं हुआ।

पेंशन की कम्यूटेशन राशि की वसूली अवधि को लेकर चल रही खबर की जानिए क्‍या है सच्‍चाईAMP

इस पर उमेश पटेल ने पूछा कि किसानों को ट्रेनिंग नहीं मिला इसके लिए कौन सा विभाग और अधिकारी जिममेदार है क्‍या कार्यवाही करेंगें

मंत्री ने कहा कि गंभीर विषय है गंभीरता से लिया है। इसमें  किन अधिकारियों की कमी रही, जिन अधिकारियों ने कहीं लापरवाही बरती है उसका परीक्षण करा रहा हूं कार्यवाही करेंगे।

CSPDCL ने शुरु की समाधान योजना BPL, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं का अधिभार 100% और बिल 50% तक माफAMP

इस पर उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि बीज निगम के एमडी को पत्र लिखा गया था, उन्‍होंने आरोप लगाया कि बीज निगम अपने खास ठेकेदार से बीज लेने के लिए ऐसा किया गया।  उन्‍होंने पूछा कि एमडी पर कार्यवाही करेंगे क्‍या

इस पर मंत्री ने कहा कि मैंने पहले ही कह दिया है कि जांच करेंगे और जो भी जिम्‍मेदार होगा उस पर कार्यवाही करेगें।

chatur postMarch 13, 2026
15 2 minutes read
Follow Us
Imprint
Responsible for the content:
chaturpost.com
Privacy & Terms of Use:
chaturpost.com
Mobile website via:
WordPress AMP Plugin
Last AMPHTML update:
13.03.2026 - 09:16:01
Privacy-Data & cookie usage: