CGMSC रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीन आईएएस अफसरों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जल्द ही पूछताछ के लिए बुला सकती है। तीनों आईएएस से भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में पूछताछ की तैयारी है। इसी मामले की जांच के सिलसिले में ईडी ने पिछले सप्ताह राज्य में 18 ठिकानों पर छापा की कार्यवाही कर चुकी है।
छत्तीसगढ़ में ईडी की रडार पर आए तीनों आईएएस का नाम सामने आ गया है। इनमें आईएएस भीम सिंह, आईएएस चंद्रकांत वर्मा और आईएएस पद्मिनी भोई साहू शामिल है। इनमें साहू प्रमोटिव आईएएस हैं, यानी राज्य सेवा से आईएएस बनी हैं। वहीं, भीम सिंह और चंद्रकांत डॉयरेक्ट आईएएस हैं।
दरअसल, पूरा मामला छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन (सीजीएमएससी) में हुए एक बड़े भ्रष्टाचार से जुड़ा है। भोई वर्तमान में सीजीएमएसी की एमडी हैं, जबकि भीम सिंह और चंद्रकात वर्मा पहले वहां एमडी के रुप में काम कर चुके हैं। आरोप है कि इन्हीं लोगों के कार्यकाल में कथितौर पर भ्रष्टाचार हुआ है।
यह मामला सीजीएमएससी के जरिये स्वास्थ्य विभाग को की गई रीएजेंट और दवा सप्लाई से जुड़ा है। इस मामले में 500 से 750 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का आरोप लग रहा है। ईओडब्ल्यू इस मामले की पहले से जांच कर रही है। अब मनी लांड्रिंग के एंगल से ईडी ने जांच शुरू की है।
रीएजेंट और दवा सप्लाई में कथित भ्रष्टाचार का यह पूरा मामला ऑडिट के दौरान समाने आया। आरोप है कि आवश्यकता से अधिक दवा और उपकरणों की खरीदी कर ली गई। इस दौरान कई अस्पतालों को ऐसी मशीनें भी भेज दी गई जिनकी न तो उन्हें जरुरत थी और न उनकी तरफ से मांग की गई थी। करीब 530 स्वास्थ्य केंद्रों में भंडारण की सुविधा नहीं थी फिर भी उन्हें उपकरण भेज दिए गए।
इस मामले में ईओडब्ल्यू की तरफ से विशेष कोर्ट में एक चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसके आधार पर सात लोग अभी जेल में हैं। इनमें उपकरण और दवा सप्लाई करने वाली एजेंसी मोक्षित कार्पोरेशन के डॉयरेक्टर शशांक चोपड़ा भी शामिल हैं।
बता दें कि इस मामले की जांच के सिलसिले में ईडी ने बीते सप्ताह मोक्षित कार्पोरेशन और उससे जुड़े लोगों के 18 ठिकानों पर छापा मार कार्यवाही की थी। इस छापे के दौरान ईडी ने कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किया है।
ईडी इस मामले में जेल में बंद शशांक चोपड़ा समेत सातों आरोपी से भी पूछताछ करने की तैयारी में है। इसके लिए कोर्ट से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है। बता दें कि ईओडब्ल्यू ने अपनी चार्जशीट में चोपड़ा को मुख्य आरोपी बताया है।