
Chaitanya Baghel रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जांच के सिलसिले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 10 नवंबर 2025 को चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है।
इन सपंत्तियों को किया अटैच
ईडी ने चैतन्य बघेल की 59.96 करोड़ रुपये मूल्य की 364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। इसके साथ ही 1.24 करोड़ रुपये मूल्य की बैंक बैलेंस और सावधि जमा के रूप में चल संपत्तियों को भी अटैच कर दिया है।
2500 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी
ईडी ने छत्तीसगढ़ राज्य में शराब घोटाले में आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू, रायपुर, छत्तीसगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। अनुसूचित अपराधों के माध्यम से अर्जित 2500 करोड़ रुपये की अपराध आय (पीओसी) का खुलासा करने का ईडी ने दावा किया है।
शराब घोटाला में अहम भूमिका
ईडी ने अपनी जांच के आधार पर दावा किया है कि पीएमएलए के तहत की गई जांच से पता चला है कि भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर तैनात थे। मुख्यमंत्री के पुत्र होने के नाते, उन्हें शराब सिंडिकेट का नियंत्रक और अंतिम अधिकारी बनाया गया था।
पैसे का रखते थे हिसाब
ईडी की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि चैतन्य बघेल सिंडिकेट द्वारा एकत्रित सभी अवैध धन का ‘हिसाबÓ रखने के लिए जि़म्मेदार थे। ऐसे धन (पीओसी) के संग्रह, चैनलाइज़ेशन और वितरण से संबंधित सभी बड़े फैसले उनके निर्देशों के तहत लिए जाते थे।
रियल एस्टेट में निवेश का आरोप
ईडी की जांच में यह भी पता चला कि वह पीओसी के प्राप्तकर्ता थे, जिसे उन्होंने अपने रियल एस्टेट व्यवसाय के माध्यम से बढ़ाया और बेदाग संपत्ति के रूप में पेश किया। चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से प्राप्त पीओसी का उपयोग अपनी स्वामित्व वाली कंपनी मेसर्स बघेल डेवलपर्स के तहत अपनी रियल एस्टेट परियोजना ‘वि_ल ग्रीनÓ के विकास के लिए किया।
18 जुलाई केा हुई थी गिरफ्तारी
चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था और वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले, इस मामले में अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस) और कवासी लखमा (विधायक और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन आबकारी मंत्री) को ईडी ने गिरफ्तार किया था।
अब तक 215 करोड़ की संपत्ति अटैच
यह बताना उचित होगा कि 61.20 करोड़ रुपये की वर्तमान कुर्की, लगभग 215 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों की पूर्व में की गई कुर्की का ही एक हिस्सा है।




