Chaitanya Baghel चैतन्‍य बघेल ने बताई जेल के 168 दिन की कहानी: भविष्‍य को लेकर दिया संकेत,  पूर्व CM का भी पोस्‍ट …

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Chaitanya Baghel रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए कथित शराब घोटाला में गिरफ्तार तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्‍य बघेल जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आ गए हैं। चैतन्‍य करीब 168 दिन तक जेल में रहे। चैतन्‍य बघेल ने जेल में बिताए गए दिनों को लेकर सोशल मीडिया में एक पोस्‍ट किया है। इसमें उन्‍होंने बताया कि जेल में उन्‍होंने क्‍या- क्‍या किया।

18 जुलाई 2025 को हुई थी गिरफ्तारी

चैतन्‍य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 18 जुलाई 2025 को भिलाई स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था। उसी दिन चैतन्‍य बघेल का जन्‍मदिन था। 18 जुलाई 2025 को ईडी तड़के ही उनके निवास पर पहुंच गई थी। इसके बाद उन्‍हें रायपुर स्थित ईडी कार्यालय लाया गया। इसके बाद उन्‍हें रायपुर की स्‍पेशल कोर्ट में पेश किया गया था।

चैतन्‍य बघेल के जेल में बिताए 168 दिन

जेल में बिताए दिन को लेकर चैतन्‍य बघेल ने सोशल मीडिया में एक पोस्‍ट किया है। लिखा है 168 दिन, कानून, संविधा, राजनीति और माटी की सेवा। चैतन्‍य लिखते हैं कि 18 जुलाई को मेरा 38वां जन्‍मदिन खास, बहुत ही खास रहा, क्‍योंकि इस दिन मुझ आम से इंसान जो पिता के मुख्‍यमंत्री होने के बावजूद राजनीति और राजनैतिक पदों से दूर रहना पसंद करता था, उसे राजनीति, राजनैतिक हथकंडे और माटी की सेवा करने के परिणा से भाली-भांति वाकिफ कराया।

जानिए- जेल में 168 दिनों तक चैतन्‍य बघेल ने क्‍या किया

अपने इसी पोस्‍ट में चैतन्‍य बघेल ने जेल में बिताए आने 168 दिनों का उल्‍लेख करते हुए बताया कि इन 168 दिनों में मैंने पढ़ा और खूब पढ़ा। उन्‍होंने लिखा है कि कभी सरदार पटेल जी (वल्‍लभ भाई पटेल) की दृढ़ता को पढ़ा तो कभी नेहरु (जवाहर लाल नेहरु) जी की शालीनता को समझा। कभी महात्‍मा गांधी जी की सत्‍य और अहिंसा की नीति को सिखा।

सेवा करने वाले को कीमत चुकानी पड़ती है

इन किताबों से मिली सीख का उल्‍लेख करते हुए चैतन्‍य बघेल ने लिखा है कि इन किताबों ने मुझे आजादी दी सलाखों के भीतर रहकर अपनी मिट्टी की सेवा और निरंतर सेवा के बारे में सोचने की आजादी।

चैतन्‍य बघेल ने लिखा है कि इन किताबों में मैंने पाया हर कोई जो मिट्टी की सेवा करता है उसे उसकी कीमत चुकानी भी पड़ती है, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से और वही कीमत मैंने और मेरे परिवार ने चुकाई।

हम झुकें नहीं और न झुकेंगे

जेल से रिहा होने के दिन किए गए इस पोस्‍ट में चैतन्‍य बघेल ने आगे लिखा है कि जेल की चारदीवारियां 168 दिनों में यह नहीं सिखा पाई कि झुकना, झुकना उन ताकतों के आगे जो नहीं चाहते हम मिट्टी की सेवा करें, जो चाहते हैं हम जल, जंगल की बात करें, जो नहीं चाहते हम छत्‍तीसगढ़ की अस्मिता के लिए आवाज उठाएं, लेकिन हम झुकें हीं और न ही झुकेंगे।  

षड़यंत्र विफल होगा

इसके आगे चैतन्‍य बघेल ने लिखा है कि इन सब के साथ मैंने कानून और संविधान को भी पढ़ा और समझा कि षड़यंत्र कितना भी जटिल हो एक न एक दिन कानून और संविधान के आगे विफल होना ही पड़ता है।

राजनीति में आने के संकेत

इस पोस्‍ट में छत्‍तीसगढ़ मतहारी की सेवा और भी मजबूती से करने की बात कहते हुए एक तरह से उन्‍होंने सक्रिय राजनीति में आने का संकेत दे दिया है। उन्‍होने लिखा है कि 168 दिनों में मिली सीख और अपने मिट्टी की सेवा करने की प्रेरणा मुझमें हमेशा रहेगी।

पुत्र के जन्‍म दिन का उल्‍लेख

इस पोस्‍ट में चैतन्‍य ने अपने पुत्र विवांश के जन्‍म दिन का भी उल्‍लेख किया है। बता दें कि 18 जुलाई को जिस दिन चैतन्‍य को गिरफ्तार किया गया उस दिन उनका जनम दिन था। तीन जनवरी को जब वे जेल से बाहर आए उस दिन उनके पुत्र का जन्‍म्‍ दिन था।

भूपेश बघेल ने बेटे के साथ की तस्‍वीरें पोस्‍ट

इस बीच पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने खेतों और फसलों को देखते हुए अपने पुत्र चैतन्‍य के साथ फोटो पोस्‍ट करते हुए लिखा है कि आज पुन: चैतन्‍य को उनकी जिम्‍मेदारी हेंडओवर कर दी है।

chatur postJanuary 8, 2026
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