Site icon Chatur Post

छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी की व्‍यवस्‍था में बड़ा बदलाव: योग और प्रार्थना से होगी दिन की शुरुआत, हर महीने संस्‍कार सभा, जानिए- और क्‍या है बदलाव की योजना

Chhattisgarh Anganwadi Sanskar Kendra

Chhattisgarh Anganwadi Sanskar Kendra रायपुर: छत्तीसगढ़ की आंगनबाड़ियां अब सिर्फ पोषण आहार और शुरुआती पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि ये बच्चों के चरित्र निर्माण का केंद्र बनेंगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘संस्कार केंद्र’ के रूप में विकसित करने की एक बड़ी योजना तैयार की है। अब राज्य के 52,518 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चे न केवल कुपोषण से लड़ेंगे, बल्कि भारतीय जीवन मूल्यों को भी सीखेंगे।

कुपोषण के साथ अब होगा ‘चरित्र पोषण’

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ बैठक में कहा कि 3 से 6 वर्ष की आयु संस्कार सीखने की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को बचपन से ही ‘नमस्ते’, ‘धन्यवाद’ और ‘क्षमा’ जैसे व्यवहारिक गुण सिखाए जाएं।

दिनचर्या में होंगे ये बड़े बदलाव:

आंगनबाड़ियों को संस्कार केंद्र बनाने के लिए कई नई गतिविधियों को शामिल किया जा रहा है:

महीने में एक दिन होगी ‘संस्कार सभा’

इस पहल में अभिभावकों को भी जोड़ने की तैयारी है। हर महीने आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘संस्कार सभा’ आयोजित की जाएगी, जिसमें माता-पिता शामिल होंगे। इससे जो संस्कार बच्चा आंगनबाड़ी में सीखेगा, उसे घर पर भी वैसा ही माहौल मिल सकेगा।

कार्यकर्ता निभाएंगी ‘दूसरी मां’ का फर्ज

मंत्री राजवाड़े ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से आह्वान किया है कि वे बच्चों के लिए ‘दूसरी मां’ की भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आज के समय में गिरते मानवीय मूल्यों को देखते हुए यह कदम समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार करने के लिए आवश्यक है।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन नियम में बड़ा बदलाव, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना

Exit mobile version