Chhattisgarh छत्‍तीसगढ़ में शासकीय सेवकों की छुट्टी पर लगी रोक: प्रदेश से बाहर जाने पर भी रोक, देखिए- GAD 16 निर्देश  

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Chhattisgarh रायपुर। छत्‍तीसगढ़ सरकार ने राज्‍य के शासकीय सेवकों की छुट्टी पर रोक लगा दी है। सामान्‍य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश जारी कर दिया है। अफसरों के प्रदेश से बाहर जाने पर भी रोक लगा दी गई है।

छुट्टी पर क्‍यों लगी रोक ?

सरकार ने शासकीय सेवकों की छुट्टी पर रोक विधानसभा के बजट सत्र की वजह से लगाया है। बता दें कि 23 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। सत्र के पहले दिन राज्‍यपाल का अभिभाषण होगा।

छुट्टी पर कब तक रोक?

अफसरों की छुट्टी पर यह रोक 23 फरवरी से 20 मार्च तक रहेगी। यह विधानसभा के सत्र की अवधि है। हालांकि होली के दौरान करीब सप्‍ताहभर सदन की बैठक नहीं होगी।  

अफसरों के प्रदेश के बाहर भ्रमण पर भी रोक

शासकीय सेवकों की छुट्टी के साथ ही अफसरों के प्रदेश के बाहर भ्रमण पर भी रोक लगाई गई है। सामान्‍य प्रशासन विभाग से जारी निर्देश में कहा गया है कि अफसर प्रदेश के बाहर भ्रमण का प्रस्‍ताव न भेजें।

अधिकारी दीर्घा में उपस्थिति को लेकर निर्देश

सत्र के दौरान अफसरों से अधिकारी दीर्घा में मौजूद रहने के लिए विशेष रुप से निर्देश जारी किया गया है। कहा गया है कि अधिकारी दीर्घा रिक्‍त नहीं रहनी चाहिए।

सत्र को लेकर जीएडी का निर्देश

शासकीय विधि विषयक कार्य (विधेयक) निर्धारित 7 दिवस पूर्व विधान सभा सचिवालय को उपलब्ध कराना तथा सत्र के दौरान प्रस्तुत होने वाले विधेयकों के संबंध में चर्चा के लिए आवश्यक तैयारी।

विभागीय वार्षिक प्रशासकीय प्रतिवेदन, सत्र प्रारंभ होने के पूर्व समय पर विधान सभा सचिवालय को अपेक्षित प्रतियों/ सीडी सहित प्रेषित किए जाने।

लंबित आश्वासनों का उत्तर, सत्रारंभ से पूर्व विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराने।

अधिकारी दीर्घा रिक्त न रहें, इसके लिए अपने-अपने विभागों के प्रश्नोत्तर के निर्धारित दिन में विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति बनाए रखने।

विधान सभा के पटल पर रखे जाने वाले पत्र/प्रतिवेदन / साहित्य आदि समय-सीमा में विधानसभा को उपलब्ध कराने।

स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण सूचना, याचिकाओं, शून्यकाल की सूचनाएं, आश्वासनों, संकल्प, अपूर्ण प्रश्नों के उत्तर, विधान सभा की विभिन्न समितियों के प्रतिवेदनों पर त्वरित कार्यवाही।

सत्र के दौरान सदन में चर्चा के संभावित मुद्दों / विषयों पर तैयारी।

नियम-139 के तहत अविलंबनीय लोक महत्व विषय पर चर्चा की तैयारी।

ऐसे सभी मामलों पर चर्चा जिनके बारे में सदन में पालन प्रतिवेदन देना है।

समय-समय पर विधान सभा सचिवालय द्वारा चाही गयी अन्य जानकारियों समय-सीमा में उपलब्ध कराने।

अधीनस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों को सत्र के दौरान अपरिहार्य स्थिति को छोड़कर अन्यथा अवकाश स्वीकृत नहीं किए जाने।

सत्रावधि के दौरान जब तक आवश्यक न हो, तब तक प्रदेश के बाहर भ्रमण प्रस्ताव न भेजे जाने।

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chatur postFebruary 11, 2026
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