
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नया बजट प्रभावि हो गया है। राज्य विधानसभा से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,87,500 करोड़ रुपए का बजट पारित किया है। अर्थशास्त्रियों की राय में यह बजट एक संतुलित आर्थिक दृष्टिकोण पेश करता है, जहां एक ओर शिक्षा और सुरक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर भारी खर्च है, वहीं दूसरी ओर जनजातीय क्षेत्रों और बुनियादी ढांचे (सड़क/सिंचाई) के लिए भी पर्याप्त धन सुनिश्चित किया गया है।
पूंजीगत व्यय पर भारी निवेश (Infrastructure Focus)
कुल बजट का लगभग 22% हिस्सा (₹4,11,49,10,54,000) पूंजीगत व्यय के लिए रखा गया है । इसका मतलब है कि सरकार केवल वेतन या भत्तों पर खर्च नहीं कर रही, बल्कि सड़क, पुल, स्कूल भवनों और सिंचाई परियोजनाओं जैसी संपत्तियों के निर्माण पर जोर दे रही है।
- लोक निर्माण (सड़कें और पुल): इसके पूंजीगत मद में ₹3,749 करोड़ से अधिक का प्रावधान है ।
- जल संसाधन विभाग: नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹995 करोड़ से अधिक की राशि पूंजीगत मद में आवंटित की गई है ।
सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय संतुलन
बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा विशेष क्षेत्र योजनाओं के माध्यम से खर्च किया जा रहा है, जो राज्य के समावेशी विकास को दर्शाता है:
- जनजातीय उप-योजना (Tribal Sub-plan): इसके तहत ₹3,95,70,34,30,000 का विशाल प्रावधान यह बताता है कि बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों का विकास प्राथमिकता पर है ।
- अनुसूचित जाति उप-योजना: इस मद में ₹1,25,97,03,02,000 का आवंटन सामाजिक उत्थान की दिशा में बड़ा कदम है ।
‘सुरक्षा’ और ‘शिक्षा’ पर दोहरा फोकस
राज्य सरकार ने ‘सॉफ्ट’ और ‘हार्ड’ दोनों तरह के बुनियादी ढांचे पर निवेश किया है:
- शिक्षा: स्कूल शिक्षा का बजट ₹1,00,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है (राजस्व मद में ही ₹1,00,43,79,67,000 है) ।
- पुलिस: कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के लिए ₹75,49,90,74,000 (राजस्व) और ₹639 करोड़ (पूंजीगत) का प्रावधान किया गया है ।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण
- कृषि: ₹7,052 करोड़ से अधिक का राजस्व व्यय किसानों के लिए योजनाओं और सब्सिडी की निरंतरता को दर्शाता है ।
- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति: ₹6,124 करोड़ का आवंटन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और राशन योजनाओं को मजबूती प्रदान करेगा ।
- पंचायत विकास: ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए ₹6,700 करोड़ (राजस्व) और ₹1,719 करोड़ (पूंजीगत) की भारी राशि दी गई है ।
वित्तीय स्वास्थ्य और ऋण प्रबंधन
- ऋण भुगतान: राज्य ने लोक ऋण (Public Debt) के लिए ₹1,23,00,00,00,000 का प्रावधान किया है । यह दर्शाता है कि सरकार अपने पुराने कर्जों को चुकाने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के प्रति गंभीर है।
- ब्याज भुगतान: ऋणों पर ब्याज चुकाने के लिए ₹1,10,00,00,00,000 की राशि आरक्षित की गई है ।
भविष्य की तकनीक और गवर्नेंस
- सुशासन (Good Governance): नए बने ‘सुशासन और अभिसरण विभाग’ (Department of Good Governance and Convergence) के लिए भी बजट में ₹54.74 करोड़ का शुरुआती प्रावधान किया गया है।
- आईटी: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को ₹417 करोड़ (कुल) का बजट देकर डिजिटल छत्तीसगढ़ को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है ।
छत्तीसगढ़ बजट के ‘टॉप 10’ दिग्गज: इन विभागों को मिला सबसे ज्यादा फंड
बजट प्रावधानों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सूची में ‘स्कूल शिक्षा’ और ‘कानून व्यवस्था’ शीर्ष पर हैं।
| क्रमांक | विभाग / सेवा का नाम | कुल बजट (₹ करोड़ में) |
|---|---|---|
| 1 | स्कूल शिक्षा (School Education) | 10,161.82 |
| 2 | वित्त विभाग से संबंधित व्यय | 9,632.81 |
| 3 | पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग | 8,420.40 |
| 4 | पुलिस (Police – Home Dept) | 8,190.35 |
| 5 | कृषि (Agriculture) | 7,076.47 |
| 6 | खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण | 6,216.75 |
| 7 | महिला एवं बाल विकास (Women & Child Welfare) | 5,704.54 |
| 8 | लोक निर्माण – सड़कें एवं पुल | 4,986.64 |
| 9 | लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण | 4,655.51 |
| 10 | ऊर्जा विभाग (Energy Department) | 4,586.01 |
छत्तीसगढ़ बजट के ‘बॉटम 10’: इन विभागों को मिली सबसे कम राशि
विशिष्ट कार्यक्षेत्र होने के कारण कुछ विभागों का बजट आवंटन तुलनात्मक रूप से कम रखा गया है।
| क्रमांक | विभाग / सेवा का नाम | कुल बजट (₹ करोड़ में) |
|---|---|---|
| 1 | पुनर्वास विभाग (Rehabilitation) | 0.30 |
| 2 | सांस्कृतिक विभाग (Culture Department) | 9.82 |
| 3 | योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग | 12.80 |
| 4 | राज्य विधानमंडल (State Legislature) | 12.40 |
| 5 | खेल एवं युवा कल्याण विभाग | 16.68 |
| 6 | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग | 22.50 |
| 7 | विमानन विभाग (Aviation) | 31.50 |
| 8 | पर्यटन (Tourism) | 34.40 |
| 9 | उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education) | 130.61 |
| 10 | वाणिज्य एवं उद्योग विभाग | 156.79 |







