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छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू होगी जनगणना: घर बैठे ‘स्व-गणना’ का भी विकल्प, जानें क्या है प्रक्रिया

Chhattisgarh Census 2027

रायपुर: भारत सरकार की ‘जनगणना 2027’ का आगाज होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ में इसके प्रथम चरण यानी ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। 30 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के जरिए राज्य के हर छोटे-बड़े मकान, उसकी स्थिति और सुविधाओं का डेटा जुटाया जाएगा।

डिजिटल इंडिया: खुद भरें अपनी जानकारी

इस बार की जनगणना में खास बात यह है कि ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा दी गई है।

किन बातों की पूछी जाएगी जानकारी?

प्रगणक घर-घर जाकर आपसे निम्नलिखित बिंदुओं पर डेटा लेंगे:

  1. मकान की स्थिति: कच्चा है या पक्का, आवासीय है या व्यावसायिक।
  2. बुनियादी सुविधाएं: बिजली कनेक्शन, शौचालय, इंटरनेट, और पेयजल की स्थिति।
  3. रसोई ईंधन: आप खाना पकाने के लिए किस प्रकार के ईंधन (LPG आदि) का उपयोग करते हैं।
  4. संचार: मोबाइल और इंटरनेट की उपलब्धता।

आपकी जानकारी सुरक्षित और गोपनीय

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान दी गई हर जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। इसका उपयोग किसी व्यक्ति को ट्रैक करने के लिए नहीं, बल्कि देश के भविष्य की योजनाएं, आवास नीति और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाएगा।

प्रगणक की पहचान जरूर चेक करें

जब प्रगणक आपके घर आएं, तो उनका आधिकारिक पहचान पत्र जरूर देखें। छत्तीसगढ़ जनगणना कार्य निदेशालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सटीक और सत्य जानकारी देकर इस राष्ट्रीय कार्य में अपना योगदान दें। किसी भी समस्या के लिए जिला और राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।

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