Chhattisgarh रायपुर। छत्तीसगढ़ में विभाग की लापरवाही पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नाराजगी सामने आई है। इस मामले में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने सभी विभागों के सचिवों को लेटर जारी करके आगाह किया है। दो पन्नों के इस लेटर में प्रमुख सचिव ने सचिवों को कामकाज का तरीका भी समझाया है।
दरअसल, यह पूरा मामला कैबिनेट की बैठक से जुड़ा है। बता दें कि कैबिनेट की बैठक में रखे जाने वाले विषयों पर संबंधित विभाग की तरफ से डिटेल रिपोर्ट भेजा जाता है। इसमें योजना या काम से जुड़ी हर एक जानकारी होती है। इसके आधार पर कैबिनेट में विभाग से आए उस प्रस्ताव पर चर्चा होती है। यही जानकारी विभागों की तरफ से नहीं आ रही है, जिसके कारण सीएम नाराज हैं।
प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह की तरफ से विभागीय सचिवों को लिखे गए पत्र के अनुसार विभाग कैबिनेट की बैठक के लिए संक्षेपिकाएं समय पर नहीं भेजी जा रही है। कुछ विभाग भेजते भी हैं तो वह अस्पष्ट या आधा- अधुरा होता है। इससे जानकारी के आभाव में उस विषय पर ठीक से चर्चा नहीं हो पाती है। इससे मुख्यमंत्री नाराज हैं।
कैबिनेट को भेजे जाने वाले प्रस्तावों को लेकर प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने अपने इस लेटर में दिशा- निर्देश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि सामान्यत: महीने में दो से तीन बार कैबिनेट की बैठक होती है।
कैबिनेट की संक्षेपिका की प्रति विचार के लिए संबंधित विभागों को भेजी जाती है। इसकी एक प्रति मुख्यमंत्री सचिवालय और एक प्रति मुख्य सचिव कार्यालय को भी भेजी जाए।
ज्यादा से ज्यादा 10 वर्किंग डे में परामर्श दे दिया जाए। बेहद जरुरी प्रकरणों में इसकी समय सीमा कम की जा सकती है।
जहां दो या अधिक विभाग (अंतर्विभागीय) वाला विषय हो और कोई विभाग प्रस्ताव से सहमत नहीं है तो अपनी असहमति के बिंदुओं पर अपनी टीप दे।
सचिवों को लिखे पत्र में प्रमुख सचिव ने यह भी कहा कि संक्षेपिका सात- आठ पन्नों से अधिक का नहीं होना चाहिए। यदि जानकारी बड़ी हो रही है तो Annexures के साथ में दी जा सकती है। कैबिनेट की बैठक के एक दिन पहले प्रस्ताव का डिटेल मुख्यमंत्री सचिवालय को ई-मेल के जरिये भेजा जाना चाहिए।
देखिए प्रमुख सचिव का लेटर