Site icon Chatur Post

छत्तीसगढ़ में जल संकट पर बड़ा एक्शन: 7 दिन में सुधारें हैंडपंप, लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी; डिप्टी सीएम ने दिए कड़े निर्देश

badi khabar

Chaturpost News Network | रायपुर छत्तीसगढ़ में तपती गर्मी (Scorching Heat) के बीच आम जनता को राहत देने के लिए विष्णुदेव साय सरकार एक्शन मोड में आ गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (Directorate of Urban Administration and Development) ने राज्य के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए एक नया फरमान जारी किया है।

उप मुख्यमंत्री और विभाग के मंत्री द्वारा हाल ही में ली गई समीक्षा बैठक (Review Meeting) के बाद यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पेयजल आपूर्ति (Water Supply) में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

7 दिन का अल्टीमेटम: घर-घर पहुंचेगा पानी

संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी निकायों को अगले 7 दिनों के भीतर अपने क्षेत्र के शत-प्रतिशत हैंडपंपों और बोरवेल की चेकिंग (Checking) करनी होगी। अगर कहीं भी खराबी पाई जाती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से ठीक (Repairing) करना अनिवार्य है। सरकार का लक्ष्य है कि गर्मी के इस मौसम में एक भी मोहल्ला या बस्ती पानी के लिए न तरसे।

प्रमुख निर्देश: क्या बदलेगा आपके शहर में?

नगरीय प्रशासन विभाग ने कुल 19 बिंदुओं का एक विस्तृत दिशा-निर्देश (Guidelines) जारी किया है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें शामिल हैं:

शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal) होगा मजबूत

अब अगर आपके वार्ड में पानी की समस्या है, तो आप निकाय के रजिस्टर में अपनी शिकायत (Complaint) दर्ज करा सकते हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि आयुक्त (Commissioner) और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को प्रतिदिन इन शिकायतों के निराकरण की खुद समीक्षा करनी होगी। यह कदम पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही तय करने के लिए उठाया गया है।

अमृत मिशन और 15वें वित्त आयोग के कार्यों में तेजी

सरकार ने उन परियोजनाओं (Projects) पर भी ध्यान केंद्रित किया है जो अधूरी पड़ी हैं। अमृत मिशन (AMRUT Mission) और जल आवर्धन योजनाओं के तहत जो काम 90% तक पूरे हो चुके हैं, उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर खत्म कर पेयजल आपूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। 15वें वित्त आयोग (15th Finance Commission) की राशि का उपयोग भी इसी मद में प्राथमिकता से करने को कहा गया है।

जल संरक्षण (Water Conservation) पर विशेष जोर

सिर्फ पानी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि पानी बचाना भी इस आदेश का मुख्य हिस्सा है।

  1. रेन वाटर हार्वेस्टिंग: सभी बोरवेल के पास रिचार्ज पिट (Recharge Pit) बनाना अनिवार्य कर दिया गया है।
  2. जागरूकता अभियान: डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन गाड़ियों के माध्यम से लोगों को ‘जल बचाओ’ का संदेश दिया जाएगा।
  3. हाऊस कनेक्शन शिफ्टिंग: जो पाइप लाइन नालियों के भीतर से गुजर रही हैं, उन्हें तत्काल बाहर शिफ्ट किया जाएगा ताकि दूषित पानी (Contaminated Water) की समस्या न हो।

नोडल अधिकारियों की तय हुई जिम्मेदारी

इस पूरे अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए नगर निगमों में ‘आयुक्त’ और नगर पालिकाओं में ‘CMO’ को नोडल अधिकारी (Nodal Officer) नियुक्त किया गया है। किसी भी क्षेत्र में महामारी (Epidemic) फैलने की स्थिति में इन्हें सीधे स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर त्वरित कार्रवाई करने की शक्ति दी गई है।

E-E-A-T और निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम जमीनी स्तर पर जल संकट (Water Crisis) को हल करने की एक गंभीर कोशिश है। विभाग द्वारा जारी डिजिटल हस्ताक्षरित यह आदेश स्पष्ट करता है कि प्रशासनिक तंत्र अब जवाबदेह है। जनता के लिए यह राहत की खबर है कि उनकी पेयजल संबंधी शिकायतों का अब समय-सीमा (Time-limit) के भीतर समाधान होगा।


डिस्क्लेमर: यह खबर विभाग द्वारा जारी पत्र क्रमांक यां.प्र.-05/2026-27 के आधार पर तैयार की गई है।

Also Read छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों की संपत्तियों का होगा Physical Verification; अवैध कब्जा करने वालों पर गिरेगी गाज

Exit mobile version