रायपुर। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 1 जनवरी 2026 से 2% महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ाने के फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य के कर्मचारी संगठनों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि केंद्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी तत्काल यह लाभ दिया जाए।
‘प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ’ के प्रांताध्यक्ष एवं ‘एक मांग एक मंच’ अभियान के प्रदेश संयोजक करन सिंह अटेरिया ने केंद्र के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य सरकार की बारी है कि वह बिना विलंब किए प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में निर्णय ले।
छत्तीसगढ़ में 80 माह का एरियर अब भी लंबित
अटेरिया ने ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कर्मचारी सिर्फ नए डीए की ही मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वर्ष 2017 से लगभग 80 माह का महंगाई भत्ता और एरियर भी लंबित है। इसे लेकर डॉ. डी.पी. मनहर, जितेंद्र सिंह ठाकुर और विद्या भूषण दुबे के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में एक ज्ञापन भी वित्त सचिव को सौंपा गया है।
“राज्य सरकार के लिए मार्ग प्रशस्त”
संघ का कहना है कि आमतौर पर केंद्र के निर्णय के बाद ही राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों के लिए डीए लागू करती हैं। करन सिंह अटेरिया ने कहा, “केंद्र ने 2% की घोषणा कर दी है, जिससे अब राज्य सरकार के लिए भी रास्ता साफ हो गया है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए राज्य के कर्मचारियों को आर्थिक राहत देना बेहद जरूरी है।”
इन दिग्गज नेताओं ने की एकजुट मांग
प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के पदाधिकारी क्रमशः वी एल गर्ग ,विहारी लाल पटेल, शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, शैलेश कुमार स्वर्णकार, रामशंकर साहू, गिरधारी डड़सेना, अरूण कुमार रामटेक,आर के सुमन,रमेश्वरी टंडन,कृष्ण कुमार साहू , केशरी प्रसाद कुशवाहा,शीत कुमार ध्रुव के साथ साथ एक मांग एक मंच अभियान के प्रांतीय संरक्षक डा डी पी मनहर,चंद्रिका सिंह, सुजान बिंद डा गंगा शरण पासी,ओ पी शर्मा, अनिल शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जल्द ही प्रदेश के कर्मचारियों को खुशखबरी देंगे।

