Chhattisgarh Excise Rules Amendment रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने एक नई अधिसूचना (Notification) जारी करते हुए ‘छत्तीसगढ़ देशी स्पिरिट नियम, 1995’ में कड़े संशोधन किए हैं । 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इन नियमों के तहत अब शराब विनिर्माण (Manufacturing) से लेकर परिवहन (Transportation) तक की पूरी प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी और दंडनीय (Punishable) बना दिया गया है ।
अधिसूचना की 5 सबसे बड़ी बातें (Key Provisions):
- जुर्माने का सख्त चक्रव्यूह: नियमों के उल्लंघन (Violation) पर न्यूनतम 50,000 से लेकर 5,00,000 रुपये तक की शास्ति (Penalty) का प्रावधान किया गया है । यदि गड़बड़ी लगातार जारी रहती है, तो 1,000 से 10,000 रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त जुर्माना देना होगा ।
- परिवहन में छीजन की सीमा तय: rPET की सीलबंद बोतलों के परिवहन के दौरान होने वाली छीजन (Wastage) की अधिकतम सीमा 0.10 प्रतिशत निर्धारित की गई है । इस सीमा से अधिक कमी पाए जाने पर कलेक्टर द्वारा प्रति प्रूफ लीटर की दर से शास्ति अधिरोपित की जाएगी ।
- स्टॉक सप्लाई में फेल हुए तो लगेगा फटका: यदि कोई अनुज्ञप्तिधारी (Licensee) मांग के अनुसार शराब प्रेषित (Dispatch) करने में विफल रहता है, तो पहली बार में 1,00,000 रुपये और पुनरावृत्ति होने पर 5,00,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है ।
- FSSAI मानकों का पालन अनिवार्य: शराब तैयार करने के लिए उपयोग किए जाने वाले एसेन्स और खाद्य रंगों का भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के स्तर का होना अनिवार्य कर दिया गया है।
- भंडारण में कोई छूट नहीं: देशी मदिरा के भंडारण भांडागार (Warehouse) में किसी भी प्रकार की छीजन (Storage Loss) की छूट मान्य नहीं होगी । कमी पाए जाने पर ड्यूटी राशि के समतुल्य वसूली की जाएगी ।
नए नियमों की मुख्य बातें (Key Highlights):
- लाइसेंस की नई शर्तें: प्रदेश में स्थापित आसवनियों और बोतल भराई इकाइयों को अब आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित वार्षिक फीस का भुगतान करना होगा । इसके बाद ही उन्हें सी.एस. 1-ख प्रारूप में लाइसेंस (Authorization) मिल सकेगा ।
- जुर्माने का कड़ा प्रावधान: यदि नियमों या निर्देशों का उल्लंघन (Violation) होता है, तो अनुज्ञप्तिधारी पर 50,000 रुपये से लेकर 5,00,000 रुपये तक की शास्ति (Fine) लगाई जा सकती है ।
- लगातार उल्लंघन पर अतिरिक्त दंड: यदि उल्लंघन जारी रहता है, तो हर दिन के हिसाब से 1,000 से 10,000 रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना देना होगा ।
- परिवहन में छूट की सीमा: rPET बोतलों के परिवहन (Transportation) के दौरान होने वाली छीजन (Wastage) के लिए अधिकतम छूट केवल 0.10 प्रतिशत निर्धारित की गई है ।
- गुणवत्ता और स्वच्छता: शराब बनाने में केवल भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा प्रमाणित रंगों और एसेन्स का उपयोग करना अनिवार्य होगा । परिसर में स्वच्छता और पर्याप्त रोशनी (Lighting) सुनिश्चित करना भी आवश्यक है ।
वितरण प्रणाली में बदलाव
छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSBCL) को अब राज्य के समस्त देशी भंडारण भांडागारों में शराब के भंडारण और वितरण (Distribution) के नियंत्रण का अधिकार दिया गया है । वहीं, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से ही दुकानों पर शराब की बिक्री (Retail Sale) की जाएगी ।
सरकार का उद्देश्य इस पारदर्शी व्यवस्था (Transparent System) के जरिए अवैध शराब पर लगाम लगाना और राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके अलावा, अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के मानकों का पालन न करने पर लाइसेंस रद्द (Cancellation) करने की चेतावनी भी दी गई है ।
CSBCL और Marketing Corporation का नियंत्रण
नए नियमों के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड (CSBCL) भंडारण और वितरण पर नियंत्रण रखेगी । वहीं, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा संचालित दुकानों के माध्यम से ही रिटेल बिक्री (Retail Sale) सुनिश्चित की जाएगी ।
शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में राज्य के किसी क्षेत्र में मद्य निषेध (Prohibition) लागू होता है, तो अनुज्ञप्तिधारी किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति (Compensation) का हकदार नहीं होगा ।

