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बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में UAPA के तहत अब ‘समीक्षा प्राधिकरण’ करेगा साक्ष्यों की जांच, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना

Badi khabar news

नवा रायपुर (Chaturpost): छत्तीसगढ़ शासन (State Government) ने राज्य में कानून-व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है । गृह विभाग (Home Department) ने ‘विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967’ (UAPA) के तहत एक उच्च स्तरीय समीक्षा प्राधिकरण (Review Authority) का गठन किया है 。

क्यों पड़ी इस अथॉरिटी की जरूरत?

UAPA जैसे गंभीर मामलों में जांच के दौरान एकत्रित साक्ष्यों (Evidence) की स्वतंत्र समीक्षा (Independent Review) करना अनिवार्य होता है 。 यह प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि क्या जुटाए गए सबूत अभियोजन की स्वीकृति (Sanction of Prosecution) देने के लिए पर्याप्त हैं। इसके बाद ही सरकार को अपनी अनुशंसा (Recommendation) भेजी जाएगी।

प्राधिकरण में शामिल होंगे ये दिग्गज (Members)

शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस समीक्षा प्राधिकरण में निम्नलिखित सदस्यों को शामिल किया गया है:

7 दिनों के भीतर देनी होगी रिपोर्ट

इस प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को समयबद्ध (Time-bound) रखा गया है। अधिसूचना (Notification) के अनुसार:

पुलिस महानिदेशक को निर्देश

गृह विभाग के उप-सचिव रामप्रसाद चौहान के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में पुलिस महानिदेशक (DGP), छत्तीसगढ़ को इस मामले में आगे की आवश्यक कार्यवाही (Necessary Action) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ।

यह आदेश राजपत्र (Extraordinary Gazette) के प्रकाशन के साथ ही लागू हो गया है।


नोट: यह खबर आधिकारिक राजपत्र दिनांक 10 अप्रैल 2026 पर आधारित है

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