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Chhattisgarh Government Loan: छत्तीसगढ़ सरकार को चाहिए 1000 करोड़ का कर्ज, RBI में किया आवेदन, जानें क्या है पूरा प्लान

Chhattisgarh Government Loan

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विकास कार्यों (Development Schemes) को गति देने के लिए बाजार से 1000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने का फैसला किया है। वित्त विभाग (Department of Finance) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह ऋण दो अलग-अलग किश्तों में लिया जाएगा। इस संबंध में छत्तीसगढ़ राजपत्र (Gazette) में विस्तृत जानकारी प्रकाशित की गई है।

दो किश्तों में लिया जाएगा 1000 करोड़ का कर्ज (Loan Details)

छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से बाजार से कर्ज लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए दो अलग-अलग समय अवधि (Tenure) के स्टॉक (Securities) जारी किए गए हैं:

  1. 500 करोड़ रुपये का कर्ज: यह कर्ज 22 साल की लंबी अवधि के लिए लिया गया है। इसकी पुनर्भुगतान तिथि (Repayment Date) 29 अप्रैल 2048 तय की गई है।
  2. 500 करोड़ रुपये का दूसरा कर्ज: यह राशि 10 साल की अवधि के लिए ली गई है, जिसका पुनर्भुगतान 29 अप्रैल 2036 को किया जाएगा।

सरकार की ओर से सचिव मुकेश कुमार बंसल के हस्ताक्षर से यह आधिकारिक अधिसूचना (Specific Notification) जारी की गई है।

क्यों लिया जा रहा है यह बड़ा कर्ज? (Object of the Loan)

अक्सर मन में सवाल उठता है कि सरकार कर्ज क्यों लेती है? राजपत्र के अनुसार, इस ऋण का मुख्य उद्देश्य विकास योजनाओं का वित्तपोषण (Financing Development Schemes) करना है। राज्य में चल रही बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects), सड़क, पुल, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए इस फंड का उपयोग किया जाएगा।

सरकार ने इसके लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत केंद्र सरकार की अनिवार्य सहमति भी प्राप्त कर ली है।

नीलामी और ब्याज दर की प्रक्रिया (Auction Process & Interest Rate)

यह कर्ज लेने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से नीलामी (Auction) प्रक्रिया अपनाई गई है। नीलामी 28 अप्रैल 2026 को ई-कुबेर (E-Kuber) सिस्टम पर संपन्न हुई।

बैंकिंग सेक्टर के लिए महत्व (SLR Eligibility)

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी किए गए इन शेयरों (Securities) को बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 24 के तहत वैधानिक तरलता अनुपात (Statutory Liquidity Ratio – SLR) के उद्देश्य से पात्र निवेश माना गया है। इसका मतलब है कि वाणिज्यिक बैंक इन सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश कर अपने कानूनी दायित्वों को पूरा कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति पर असर (Economic Impact)

विशेषज्ञों का मानना है कि विकास कार्यों के लिए लिया गया कर्ज राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा (New Momentum) देता है। जब सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करती है, तो इससे न केवल रोजगार (Employment) के अवसर पैदा होते हैं, बल्कि व्यापार और वाणिज्य (Trade and Commerce) को भी बढ़ावा मिलता है। हालांकि, लंबे समय के लिए लिया गया कर्ज भविष्य के बजट पर ब्याज के बोझ (Interest Burden) के रूप में भी देखा जाता है।

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