रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की लंबी समय से चली आ रही मांग पर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। मंत्रालय में “अर्जित वेतन के विरुद्ध ऋण योजना” का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत अब शासकीय सेवक महीने के दौरान अपने काम किए हुए दिनों का वेतन अग्रिम (Advance) के रूप में प्राप्त कर सकेंगे।
बिना ब्याज के मिलेगा एक माह का अग्रिम वेतन
कार्यक्रम के दौरान ऋषभ पाराशर ने योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि:
- शासकीय सेवक अब अपने वेतन का एक हिस्सा बिना किसी ब्याज के अग्रिम रूप से प्राप्त कर सकेंगे।
- वेतन के आधार पर 5 वर्ष तक की अवधि के लिए बहुत कम ब्याज दर पर ऋण (Loan) की सुविधा भी मिलेगी।
- भविष्य में इस योजना का विस्तार करते हुए इसमें होम लोन और शिक्षा ऋण जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
‘रिफाइन‘ एप के जरिए होगी पूरी प्रक्रिया
संचालक (कोष एवं लेखा) पद्मिनी भोई साहू ने बताया कि इस योजना को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। शासकीय सेवक “रिफाइन” (Refyne) एप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
“कार्मिक संपदा और रिफाइन एप के बीच एकीकरण (Integration) किया गया है, जिससे डेटा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहेगी।”
शीतल शाश्वत वर्मा ने बताया कि जल्द ही वित्त विभाग के पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर दिए जाएंगे और विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
फेडरेशन ने जताया आभार
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि राजस्थान की तर्ज पर इस योजना को लागू करने की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही थी। उन्होंने इसे कर्मचारी हित में एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों को अचानक आने वाली आर्थिक जरूरतों के लिए साहूकारों या अन्य महंगे विकल्पों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।
कार्यक्रम की झलकियां
कार्यक्रम का संचालन अमित जैन ने किया और आभार प्रदर्शन वरिष्ठ कोषालय अधिकारी सुनील उपाध्याय द्वारा किया गया। रिफाइन फाइनेंस के प्रतिनिधियों ने वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से एप के उपयोग की बारीकियां समझाईं।
प्रमुख उपस्थिति:
इस अवसर पर अतीश पाण्डेय, श्रद्धा त्रिवेदी, आई आर रात्रे, जय कुमार साहू, संतोष कुमार वर्मा सहित फेडरेशन से संबद्ध विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

