
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमित कटारिया के नाम का दुरुपयोग कर राज्य के निजी अस्पतालों से अवैध धन उगाही का बड़ा मामला सामने आया है। जालसाज खुद को स्वास्थ्य सचिव के निजी अमले का बताकर अस्पताल संचालकों को फोन कर रहे हैं और शिकायत खत्म कराने के नाम पर पैसों की मांग कर रहे हैं। इस गंभीर धोखाधड़ी को देखते हुए अमित कटारिया ने रायपुर पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
‘अजय अग्रवाल’ बनकर कर रहा था फोन
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि कोई अज्ञात व्यक्ति खुद को “अजय अग्रवाल” बताकर अस्पतालों को निशाना बना रहा है। वह मोबाइल नंबर 9336118197 एवं 7652094640 से फोन करता है और अस्पतालों के खिलाफ कथित शिकायत का हवाला देकर उन पर मानसिक दबाव बनाता है। वह अस्पताल संचालकों को मंत्रालय बुलाकर भ्रमित करने का प्रयास भी कर रहा है।

इन अस्पतालों को बनाया निशाना
ठगी के इस संगठित प्रयास की पोल तब खुली जब कई प्रमुख डॉक्टरों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। इनमें शामिल हैं:
- डॉ. मनोज पोपटानी: संचालक, ए.एम. हॉस्पिटल, चरौदा (भिलाई)
- डॉ. ओम प्रकाश कराडे: संचालक, गंगोत्री अस्पताल, आर्य नगर (दुर्ग)
- इसके अलावा एस.आर. अस्पताल (भिलाई), आर.बी. अस्पताल (बिलासपुर) और हाईटेक अस्पताल द्वारा भी इसी तरह की शिकायतों की जानकारी दी गई है।
IAS अमित कटारिया की अपील: न आएं झांसे में
स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि उनके निजी स्थापना (Private Establishment) या स्वास्थ्य विभाग में इस नाम का कोई भी व्यक्ति कार्यरत नहीं है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इन मोबाइल नंबरों के आधार पर तत्काल जांच शुरू की जाए। साथ ही, उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों और निजी अस्पतालों से अपील की है कि वे इस प्रकार के फर्जी कॉल के झांसे में न आएं और सतर्क रहें।
मंत्रालय की छवि खराब करने की कोशिश
पत्र में आईएएस अधिकारी ने कहा है कि यह न केवल उनके नाम और पद का दुरुपयोग है, बल्कि विभाग और उनकी व्यक्तिगत छवि को क्षति पहुँचाने का प्रयास भी है। पुलिस कमिश्नर को लिखे इस पत्र के बाद अब पुलिस की साइबर सेल इन नंबरों को ट्रैक कर रही है।







