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रबी फसलों के लिए सरकार ने खोला बांधों का गेट: छत्तीसगढ़ के जलाशयों में जल स्तर ने तोड़ा पिछले 2 वर्षों का रिकॉर्ड

Chhattisgarh Irrigation Reservoir Water Storage

Chhattisgarh Irrigation Reservoir Water Storage रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल जल प्रबंधन और बेहतर मानसून के चलते सिंचाई की स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है। राज्य के 12 वृहद और 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में औसत 67.43 प्रतिशत जल भराव दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा पिछले दो वर्षों (2025 में 45.23% और 2024 में 42%) की तुलना में काफी उत्साहजनक है।

वृहद परियोजनाओं में भारी उछाल

प्रदेश की 12 बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में पानी की उपलब्धता 68.19 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रमुख बांधों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

हालांकि, कोडार जलाशय में अभी 35.45% जल ही उपलब्ध है। मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में भी छिरपानी (92.23%) और खपरी (92.98%) जैसे जलाशय लगभग भर चुके हैं।

💧 छत्तीसगढ़ जल भराव तुलनात्मक रिपोर्ट

वर्ष (अप्रैल तक) कुल जल भराव %
2024 42%
2025 45.23%
2026 (वर्तमान) 67.43%

*स्त्रोत: जल संसाधन विभाग, छत्तीसगढ़

रबी फसलों के लिए खोला गया नहरों का गेट

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार, किसानों की रबी फसलों और निस्तारी (पीने एवं दैनिक उपयोग) की जरूरतों को पूरा करने के लिए जलाशयों से चरणबद्ध तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है:

  1. धमतरी और रायपुर क्षेत्र: गंगरेल बांध से नहरों के जरिए पानी की आपूर्ति शुरू।
  2. कांकेर व अन्य: दुधावा और सोंढूर परियोजनाओं से मुख्य नहरों में जल प्रवाह जारी।
  3. बस्तर संभाग: परालकोट परियोजना के दाएं और बाएं तट की नहरों से जल वितरण।
  4. अन्य क्षेत्र: खरखरा, गोंडली, पिपरिया और सारोदा जलाशयों से अंतिम सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी सुरक्षित रखा गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश: “हमारी सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन कर रही है। जलाशयों में बेहतर जल भराव हमारे समन्वित प्रयासों का परिणाम है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर खेत तक पानी पहुंचे ताकि कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।”

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