रायपुर: छत्तीसगढ़ में चल रहे बहुचर्चित शराब घोटाले (Chhattisgarh Liquor Scam) को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा और अधिक बढ़ा दिया है। बीते 30 अप्रैल 2026 को ED की रायपुर जोनल टीम ने राज्य के कई जिलों में एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई में एजेंसी को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
क्या है पूरा मामला?
एजेंसी ने PMLA (Prevention of Money Laundering Act, 2002) की धारा 17 के तहत राज्य के रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिलों में 13 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह सर्च ऑपरेशन उन लोगों के यहां चलाया गया, जिन पर शराब घोटाले से प्राप्त ‘अपराध की आय’ (Proceeds of Crime) को संभालने, छिपाने या उसे निवेश करने का संदेह था।
इतनी बड़ी रिकवरी (Action in Numbers)
ED की इस छापेमारी में भारी मात्रा में नकद और कीमती आभूषण बरामद हुए हैं। अगर हम आंकड़ों पर नज़र डालें, तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है:
- नकद राशि (Cash Seized): 53 लाख रुपये।
- सोने के आभूषण (Gold Jewellery): लगभग 3.234 किलोग्राम (जिसकी कीमत करीब 4.86 करोड़ रुपये है)।
- कुल बरामदगी (Total Seizure): लगभग 5.39 करोड़ रुपये।
इस रिकवरी के अलावा, कई डिजिटल उपकरण और गोपनीय दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनका फिलहाल विश्लेषण किया जा रहा है।
EOW और ACB के FIR का आधार
यह जांच EOW (Economic Offences Wing) और ACB (Anti-Corruption Bureau), रायपुर द्वारा दर्ज किए गए FIR के आधार पर आगे बढ़ रही है। Furthermore, जांच में यह सामने आया है कि 2019 से 2022 के बीच राज्य में शराब की खरीद-बिक्री में एक सोची-समझी साजिश रची गई थी। इसमें राजनीतिक रसूख वाले लोग, वरिष्ठ नौकरशाह, शराब डिस्टिलर्स और FL-10A लाइसेंसधारी शामिल थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इस घोटाले से हुई कुल अवैध कमाई को करीब 2,883 करोड़ रुपये आंका गया है।
गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी
Significantly, ED ने अब तक इस मामले में PMLA की धारा 19 के तहत 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें शामिल हैं:
- सेवानिवृत्त IAS अधिकारी।
- CSMCL के तत्कालीन एमडी।
- तत्कालीन आबकारी आयुक्त (Excise Commissioner)।
- तत्कालीन आबकारी मंत्री।
- पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र।
- मुख्यमंत्री के तत्कालीन उप-सचिव।
प्रॉपर्टी अटैचमेंट और कानूनी लड़ाई
In addition to छापेमारी, ED ने अब तक PMLA के तहत 6 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAOs) जारी किए हैं। इसमें लगभग 380 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया गया है। इसमें रिहायशी व व्यावसायिक जमीन, बैंक बैलेंस, वाहन और शेयर शामिल हैं।
एजेंसी ने विशेष अदालत में 6 अभियोजन शिकायतें (Prosecution Complaints) दाखिल की हैं, जिनमें 81 आरोपियों और संस्थाओं को नामजद किया गया है। Currently, यह मामला रायपुर की विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
आगे क्या होगा? (Next Steps)
ED ने स्पष्ट किया है कि ताज़ा छापेमारी में मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर आगे भी संपत्ति कुर्क करने और नए सिरे से कानूनी कार्यवाही की जाएगी। Undoubtedly, यह छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
Chaturpost.com इस मामले की हर छोटी-बड़ी अपडेट आप तक लगातार पहुंचाता रहेगा।
(अस्वीकरण: यह खबर आधिकारिक प्रेस रिलीज के तथ्यों पर आधारित है। )

