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LPG  छत्तीसगढ़ में LPG आपूर्ति को लेकर सरकार का बड़ा दावा, पेट्रोल-डीजल पर आया सचिव रीना बाबा का बयान

Reena baba

LPG रायपुर। पश्चिम एशिया संकट के कारण छत्तीसगढ़ में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में आई अचानक तेजी अब थमने लगी है। राज्य शासन और ऑयल कंपनियों की मुस्तैदी से आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट आई है। पिछले दो सप्ताह में दैनिक बुकिंग के आंकड़ों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है।

बुकिंग का गणित: 1.30 लाख से वापस सामान्य स्तर की ओर

प्रदेश में सामान्य दिनों में औसतन 74 हजार सिलेंडर की बुकिंग होती थी। 6 मार्च के बाद संकट की आशंका के चलते यह आंकड़ा बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गया था। हालांकि, सरकार की निरंतर मॉनिटरिंग के बाद 31 मार्च तक लंबित बुकिंग (Pending Bookings) में 1.08 लाख की कमी आई है।

कड़ी निगरानी और बड़े पैमाने पर कार्रवाई

खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि व्यवस्था सुधारने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। विभाग न केवल आपूर्ति बढ़ा रहा है, बल्कि दुरुपयोग रोकने के लिए छापेमारी भी कर रहा है।

“जिलों को उनकी मांग के अनुरूप सिलेंडर प्रदाय किए जा रहे हैं। घरेलू एलपीजी के कमर्शियल उपयोग और संदिग्ध भंडारण पर हमारी पैनी नजर है।” — खाद्य विभाग

LPG कमर्शियल गैस की आपूर्ति में 20% की बढ़ोतरी

होटल, रेस्टोरेंट और सामुदायिक कैंटीन जैसी आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने बड़ा निर्णय लिया है:

  1. कमर्शियल गैस कोटा: आपूर्ति को 20% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।
  2. औद्योगिक क्षेत्र: महत्वपूर्ण उद्योगों को भी 20% कमर्शियल गैस सुनिश्चित की जा रही है।

पेट्रोल-डीजल का स्टॉक भी पर्याप्त

गैस के साथ-साथ प्रदेश में ईंधन की स्थिति भी पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रदेश के सभी 2,465 पेट्रोल/डीजल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और ऑयल डिपो से नियमित सप्लाई जारी है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे घबराकर (Panic Booking) बुकिंग न करें, क्योंकि स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

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