Site icon Chatur Post

‘संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान’, CM साय ने 859 जांबाजों को सौंपा सुरक्षा का जिम्मा; देखें सम्मानित अफसरों की लिस्ट

CG Police SI Convocation 2026 Chandkhuri

CG Police रायपुर।  छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था को आज एक नई मजबूती मिली है। Netaji Subhash Chandra Bose State Police Academy में आयोजित भव्य ‘Passing Out Parade’ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 859 नव-नियुक्त अधिकारियों को राष्ट्र सेवा की शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और स्पष्ट किया कि भविष्य की Smart Policing में तकनीक (Technology) के साथ-साथ आम जनता के प्रति संवेदनशीलता (Sensitivity) ही सफलता की असली कुंजी है।

इन श्रेणियों में 859 जांबाजों ने पूरा किया ‘कड़ा प्रशिक्षण’

इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने अपनी Training पूर्ण की है, जिसमें तकनीकी और फील्ड ड्यूटी के विशेषज्ञ शामिल हैं:

Expert Note: यह छत्तीसगढ़ पुलिस का वह पहला बैच है जिसने ‘औपनिवेशिक’ कानूनों के स्थान पर नए भारतीय कानूनों— Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत विधिवत ट्रेनिंग ली है।


सम्मानित हुए ये होनहार अधिकारी (Award Winners List)

विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन 11 अफसरों को CM ने ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया:


CM का मंत्र: ‘डर से इलाका और दिल विश्वास से जीता जाता है’

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के ‘Nishkraman Sanskar’ से जोड़ते हुए कहा कि आज ये अधिकारी अकादमी के सुरक्षित घेरे से निकलकर वास्तविक कार्यक्षेत्र (Field Duty) में प्रवेश कर रहे हैं।

खबर के प्रमुख बिंदु:

डिप्टी CM विजय शर्मा और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

उप-मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री Vijay Sharma ने कहा कि इन प्रशिक्षुओं के आने से छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत और बढ़ेगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (ACS) Manoj Pingua, एडीजी (ADG) Deepanshu Kabra, अकादमी के संचालक Ajay Yadav और रायपुर SSP Abhishek Pallav सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गौरवशाली परिजन उपस्थित थे।


चतुर पोस्ट अपडेट: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों के मन में ‘कानून का भय’ और आम नागरिकों के मन में ‘पुलिस के प्रति विश्वास’ ही राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ का ‘आवास मॉडल’ बना देश में नंबर-1: 6 लाख घर बनकर तैयार, 9000 महिलाएं बनीं लखपति दीदी

Exit mobile version