
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर सड़क पर आ गई है। दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष सलीम रजा उस्मानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, उस्मानी ने इसके पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है, लेकिन प्रदेश की सियासत में इसे गुटबाजी के नतीजे के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा का तीखा हमला: ‘दीपक बैज से नहीं संभल रही पार्टी’
इस इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की घेराबंदी शुरू कर दी है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल ने कहा कि कांग्रेस अब अलग-अलग गुटों में बंट चुकी है और पीसीसी चीफ दीपक बैज इसे संभालने में नाकाम साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस्मानी का इस्तीफा इसी अंतर्कलह का ताजा प्रमाण है।
‘कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल कहना पड़ा भारी’
भाजपा प्रवक्ता ने पुरानी कड़वाहटों को याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से कार्यकर्ताओं की अनदेखी करती रही है। डॉ. बघेल ने आरोप लगाया:
- पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अपने ही कार्यकर्ताओं को ‘स्लीपर सेल’ तक कह दिया था।
- भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की लड़ाई दिल्ली तक पहुंची, जिसका असर आज भी दिख रहा है।
- इससे पहले सूरजपुर और बलरामपुर के पदाधिकारी भी गुटबाजी के कारण इस्तीफा दे चुके हैं।
- राजीव भवन में हुई गाली-गलौज की घटनाएं बताती हैं कि कांग्रेस में नेताओं का वर्चस्व है, कार्यकर्ताओं का नहीं।
विचारधारा का अंतर
किरण बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित दल है, जहां हर सदस्य की अहमियत है। वहीं कांग्रेस नेता आधारित पार्टी बनकर रह गई है, जहां जिला अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद से भी लोगों का मोहभंग हो रहा है।
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चतुर नोट: राजनीति में ‘व्यक्तिगत कारण’ अक्सर ‘राजनीतिक विवशता’ का दूसरा नाम होते हैं। दंतेवाड़ा का यह इस्तीफा आने वाले दिनों में बस्तर की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है।







