Chhattisgarh रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने एसआईआर के नाम पर बड़ी साजिश का आरोप लगाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने एक ही विधानसभा में 719 लोगों को मृत बता कर नाम काटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम काटे गए हैं, वे सभी कांग्रेस के समर्थक हैं।
धनेंद्र साहू ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया को जानबूझकर इतना जटिल उलझाऊ और तकनीकी बना दिया गया है कि आम नागरिक विशेषकर गरीब अल्पसंख्यक ग्रामीण बुजुर्ग और कमजोर वर्ग के लोग इसे समझ ही नहीं पा रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष परिणाम यह हो रहा है कि बड़े पैमाने पर षडयंत्रपूर्वक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं जिससे वे अपने संवैधानिक अधिकार, मतदान से वंचित हो जाएंगे।
रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन और कवर्धा के अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने भी अपने जिलों में एसआईआर की गड़बड़ियों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सरकार के इशारों पर एसआईआर के काम में लगे प्रशासनिक अमले के लोग चिन्हांकित करके मतदाताओं का नाम काट रहे है। अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाता टारगेट किए जा रहे है।
धनेन्द्र साहू ने कहा कि अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में षड्यंत्र, साजिश का ताजा और प्रत्यक्ष उदाहरण सामने आया है, जहां हमारे कार्यकर्ताओं के प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि लगभग 719 ऐसे मतदाता जो जीवित हैं जो उसी वार्ड और उसी गांव में वर्षों से निवास करते है और कर रहे हैं इसके बावजूद गलत और झूठी शिकायत के आधार पर उनके नाम निर्वाचन नामावली से विलोपित किए जा रहे हैं।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि यह कोई प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि सुनियोजित राजनीतिक साजिश है। उन्हें निर्देश देकर गांव मोहल्लों में सर्वे कराया गया जिसमें यह चिन्हित किया गया कि कौन-कौन मतदाता कांग्रेस समर्थक हैं और इन्हीं चिन्हित मतदाताओं के नाम एसआईआर के नाम पर कटवाने की प्रक्रिया चलाई गई।
उन्होंने बताया कि इस सूची में अधिकांश अल्पसंख्यक मतदाता, गरीब और पिछड़े वर्ग के चिन्हित मतदाता हैं। वे मतदाता हैं जो लगातार कांग्रेस के पक्ष में मतदान करते आ रहे हैं। स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों द्वारा बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है उनसे यह रिपोर्ट बनाने को कहा जा रहा है कि फलां व्यक्ति गांव में नहीं रहता। वह बाहर चला गया है। हकीकत यह है कि वे सभी लोग आज भी उसी गांव/वार्ड में निवासरत हैं।
उन्होंने कहा कि यह न केवल निर्वाचन प्रक्रिया से छेड़छाड़ है बल्कि आपराधिक कृत्य भी है। इस षड्यंत्र का पैटर्न केवल अभनपुर विधानसभा तक सीमित न होकर आशंका है कि पूरा प्रदेश में जोरो से चल रहा होगा। यह कृत्य दर्शाता है कि फर्जी आपत्तियां, फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी नामों के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने का संगठित षड्यंत्र चल रहा है।
उन्होंने कहा कि जो कि लोकतंत्र संविधान और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की भावना के विरुद्ध है। हम इस पूरे मामले की प्रदेश निर्वाचन अधिकारी से उच्च स्तरीय शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग भी करते है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा झूठी शिकायत की गई है, ये 719 व्यक्ति जीवित नहीं है या गांव से बाहर चले गए है। जिन लोगों ने झूठा रिपोर्ट किया है उनके ऊपर अपराध दर्ज होना चाहिए और कानूनी कार्यवाही होना चाहिए।