chief Secretary रायपुर। chhattisgarh मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में शुक्रवार मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 100वीं तिमाही बैठक हुई। इस बैठक में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में शासन की जनहित योजनाओं के अंतर्गत बैंक प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश बैंकर्स को दिए गए हैं।
बैठक में राज्य स्तरीय Lead Bank लीड बैंक और अन्य बैंकों Bank में लंबित ऋण प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसी तरह से राज्य के विभिन्न जिलों में बैंक नेटवर्क Bank network की स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य के सभी इलाको में लोगों को बैकिंग सुविधा मिले यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई की राज्य में क्रेडिट-डिपॉजिट Credit-Deposit अनुपात का औसत उपलब्धि स्तर अब राष्ट्रीय स्तर National level के समकक्ष पहुंच गया है, जो राज्य की मजबूत बैंकिंग प्रगति को दर्शाता है। बैठक में बैंकर्स को डिजिटल लेन-देन Digital transactions के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने कहा गया है।
मुख्य सचिव विकासशील ने उद्गम पोर्टल udgam portal की चर्चा करते हुए कहा कि विभिन्न बैंको के खातों में लोगों की राशि पिछले कई वर्षों से जमा है। बैंक में पड़ी ऐसी राशि जिसका अपने या अपने परिवार का दावा नहीं किए गए हैं ऐसे बचत खाताओं का पता लगाकर लोगों की मदद की जाए और उनकी जमा राशि वापिस की जाए।
इसके लिए उद्गम पोर्टल udgam portal की जानकारी लोगों को प्रचार-प्रसार कर दी जानी चाहिए। उद्गम पोर्टल बैंक खातेदारों को बताता हैं कि आपका पैसा कहां हैं और फिर आपको उस पैसे को पाने के लिए बैंकर्स Bankers से मिलकर आवश्यक औपचारिकताएं कर बैंको में कई वर्षों से पड़ी राशि प्राप्त की जा सकती है।
बैठक में डिजिटल अरेस्ट Digital arrest, साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी Online fraud के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में भी विशेष जागरूकता अभियान awareness campaign चलाए जाएं, ताकि आमजन डिजिटल अपराधों Digital crimes से सावधान और सतर्क रहें। उन्होंने आधार से बैंक खातो को लिंक करने की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी बैंक खातों में आधार से लिंक किया जाए जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से हितग्राहियों को लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव ने बैंकों को ऋण वितरण (Disbursement) की प्रक्रिया में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को सरल और शीघ्र प्रक्रिया के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से राज्य के बस्तर क्षेत्र सहित अन्य ग्रामीण व दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं Banking facilities की पहुंच बढ़ाने तथा जनहितकारी सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत राज्य में अब तक 11,680 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों, महिला स्वयं सहायता समूहों और कमजोर वर्गों को बैकिंग सुविधा और योजनाओं की जानकारी दी गई।
जन-धन योजना, प्रधानमंत्री Jeevan Jyoti Insurance Scheme जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY) किसान क्रेडिट कार्ड Kisan Credit Card, प्रधानमंत्री आवास 0.2, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम स्वनिधि PM SVANidhi योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण Higher education loan अनुदान योजना सहित अन्य जनहित की योजनाओं के अंतर्गत बैंक प्रकरणों से फायदा पहुंचाने के लिए बैंकर्स को निर्देश दिए गए है। बैठक में बैंको में ऋण प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई।
राज्य लीड बैंक अधिकारी ने SLBC में बैंकिंग प्रकरणों के बारे में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक reserve Bank of India, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया SBI, नाबार्ड सहित विभिन्न बैंको के प्रतिनिधी, राज्य शासन के अधिकारी सहित बैंकर्स व राज्य स्तरीय बैंकर्स Senior bankers कमेंटी के अन्य सदस्य मौजूद थे।