मुख्य पृष्ठ

भाजपा के चिंतन शिविर पर सरगुजा से विशेष रिपोर्ट

भाजपा के चिंतन शिविर पर सरगुजा से विशेष रिपोर्ट

chintan shivir  मैनपाट। भाजपा के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी और संघ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में सोमवार से मैनपाट में शुरू हुए तीन दिवसीय चिंतन शिविर के बहुत सारे मायने हैं। इस शिविर में साय सरकार के बीते डेढ़ साल के कार्यकाल की न केवल समीक्षा होगी, बल्कि आने वाले साढ़े तीन साल के मुख्य कार्यक्रमों सहित लंबित फैसलों पर माथापच्ची भी होगी।

जानिए- क्‍यों पड़ी चिंतन शिविर की आवश्‍यकता

शिविर में सबसे पहले सरकार और संगठन के संतुलन पर विशेष रूप से चर्चा हो सकती है। पार्टी की सरकार बनने के बाद मंत्री और विधायक किस तरह से संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से समन्वय बना कर काम कर रहे हैं, इसकी विशेष रूप से समीक्षा हो सकती है।

कुछ मंत्री के विभागों में लगातार गड़बडि़यों के मामले आते रहे हैं, यह संघ और भाजपा संगठन के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शिविर की शुरुआत कर रहे हैं।

इसके बाद संघ की ओर से बीएल संतोष मार्गदर्शन देंगे। आखिरी दिन विशेष रहेगा, क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आएंगे, उनके साथ शिवराज सिंह चौहान और धर्मेन्द्र प्रधान रहेंगे।

chintan shivir के लिए सरगुजा संभाग की ही क्‍यों

शिविर के लिए सरगुजा के चयन का भी राजनीतिक मकसद है। सरकार चाहती तो रायपुर के आलीशान होटल में इसका आयोजन कर सकती थी, लेकिन सरगुजा के मैनपाट का चयन किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद सरगुजा से हैं और मैनपाट के पर्यटन को बढ़ावा देने का भी फोकस है। बस्तर में शिविर हो सकता था, मगर वहां अमित शाह लगातार प्रवास पर रहे हैं।

इसके अलावा अभी मानसून में भी वहां पर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चल रहा है, ऐसे में बड़े नेताओं के बस्तर जाने से सुरक्षा बलों का काम प्रभावित होता।

लगेगी मंत्री, विधायक की क्लास

चिंतन शिविर में कुछ मंत्रियों और विधायक की अलग से क्लास लग सकती है। इनमें वे नाम भी शामिल हैं, जिन्हें मंत्रि मंडल से हटाए जाने की चर्चा भी चलती रही है। इनके विभाग के लक्ष्य और भ्रष्टाचार के कारनामों पर कड़ा संदेश दिया जा सकता है। कुछ विधायकों के खिलाफ भी निगेटिव फीड बैक संगठन के पास है।

इस पर उनसे जवाब मांगा जा सकता है। सरकार ने मोदी सरकार की योजनाओं पर आधारित कुछ योजनाओं को छत्तीसगढ़ में प्रमुखता से लागू करने का फैसला किया है। इनमें पीएम आवास मुख्य है।

इस योजना में भी भ्रष्टाचार के मामले आ रहे हैं, जबकि सीएम साय ने सुशासन शिविर के दौरान स्पष्ट कर दिया था कि ऐसे केस को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सीधे कलेक्टर जिम्मेदार रहेंगे। इन योजनाओं की समीक्षा हो सकती है।

chintan shivir  मंत्री मंडल विस्तार पर शिखर मंथन

साय मंत्री मंडल का विस्तार लगातार टल रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस विषय पर संगठन और सरकार के चुनिंदा लोगों के बीच गंभीर मंथन हो सकता है। सरकार के स्तर पर भी अब माना जा रहा है कि हर तरह के अवरोधों काे दूर कर मंत्री मंडल का विस्तार कर लिया जाए, जिससे अगले तीन साल ठीक से काम करने का मौका मिलेगा।

विस्तार में आड़े आ रहे समीकरणों को दूर करने के उपाय को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसी तरह नए मुख्य सचिव के लिए अब तीन माह का अंतिरिक्त समय मिल गया है, मगर यह विषय कोर ग्रुप की बैठक में  छेड़ा जा सकता है। कुछ निगम, मंडलों में नियुक्तियां बाकी हैं। सरकार चाहेगी कि शिविर में इसका भी फाइनल खाका खींच दिया जाए।

राज्य स्थापना ही हीरक जयंती

राज्य स्थापना को इस साल एक नवंबर को 25 साल पूरे हो जाएंगे। चूंकि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने किया था और उनकी जयंती का भी शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है, इसलिए यह स्थापना दिवस साय सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। शिविर में 12 प्रशिक्षण वर्ग के बाद समय रहा तो इसके आयोजन को भव्य बनाने की रूप रेखा पर चर्चा की जा सकती है। उसी वक्त नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया जाएगा, इसे बहुत ही भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है।

Back to top button