Clerical Staff रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की वेतन विसंगति को लेकर कांग्रेस विधायक अनिला भेंडिया ने विधानसभा में सवाल पूछा, इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तरफ से उत्तर दिया गया है। विधानसभा के बजट सत्र में पूछे गए इस सवाल पर मुख्यमंत्री की तरफ से लिखित उत्तर दिया गया है।
उन्होंने पूछा कि प्रदेश के लिपिक वर्ग की वेतन विसंगति के संबंध में गठित समिति की रिपोर्ट अब तक शासन को क्यों सौंपी नहीं गई है? इस संबंध में अभी तक कठोर कदम क्यों नहीं उठाए गए? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या समिति द्वारा रिपोर्ट तैयार कर ली गई है? यदि नहीं तो क्यों ?
इस सवाल के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया है कि भारत सरकार में सहायक ग्रेड-3 का वेतनमान 3050-4590 है, छठवां वेतनमान 5200-20200+ग्रेड वेतन 1900 में है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की तरफ इस वर्ग के कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि अन्य संवर्गों से तुलना कर मांग की गई है, जिसका औचित्य नहीं है, क्योंकि अन्य संवर्गों के कार्य क्षेत्र और कार्य की प्रकृति भिन्न-भिन्न है। समय-समय पर विभिन्न आयोग और समितियों द्वारा विचारोपरांत इन पदों के वेतनमानों में पुनरीक्षण किया गया है।
विष्णुदेव ने अपने लिखित उत्तर में कहा है कि जहां तक इस पद की तुलना सहायक शिक्षक के पद से करने का प्रश्न है, सहायक शिक्षक का पद ड्राईंग कैडर का पद घोषित किया गया है, तथा इस पद के लिए बीटीआई अनिवार्य योग्यता थी, जो सहायक ग्रेड-03 की निर्धारित योग्यता से अधिक है।
सीएम ने बताया कि सहायक ग्रेड-03 के वेतनमान में समिति को कोई विसंगति परिलक्षित नहीं हुई है। इस वजह से सचिव समिति, डॉ. डी.एन.तिवारी की अनुशंसा से सहमत नहीं होने के कारण समिति द्वारा रिपार्ट प्रस्तुत नहीं की गई।