Coal Levy रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार से जुड़े एक पुराने मामले में आर्थिक अपरध अन्वेषण ब्यूरो (Economic Offences Wing) ने राज्य के एक कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता लंबे समय से फरार चल रहे थे।
ईओडब्ल्यू ने जिस कांग्रेस के नेता को गिरफ्तार किया है उनका नाम नवनीत तिवारी है। तिवारी करीब दो साल से फरार चल रहे थे। ईओडब्लयू (EOW) की टीम ने रविवार को उन्हें गिरफ्तार किया है।
नवनीत तिवारी की गिरफ्तारी राज्य में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित लेवी घोटाला में हुई है। तिवारी मूलत: रायगढ़ के रहने वाले हैं। रायगढ़ में लेवी वसूली की जिम्मेदारी इन्हीं के पास थी।
ईओडब्ल्यू के सूत्रों के अनुसार नवनीत तिवारी का इस मामले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी से कनेक्शन है। बताया जा रहा है कि नवनीत तिवारी इस मामले में गिरफ्तार सूर्यकांत तिवारी के चचेरे भाई हैं।
बता दें कि राज्य के इस चर्चित मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय ने शुरू की थी। शुरुआती जांच के दौरान ईडी की टीम नवनीत तिवारी के रायगढ़ स्थित घर भी पहुंची थी। ईडी उनसे पूछताछ भी कर चुकी है, लेकिन ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज होने के बाद से वे फरार हो गए थे।
कांग्रेस नेता और सूर्यकांत तिवारी के भाई नवनीत तिवारी का नाम इस मामले में ईओडब्लयू में दर्ज एफआईआर में भी है। इस मामले में सूर्यकांत के सगे भाई की भी गिरफ्तारी हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि नवनीत तिवारी 2022 से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद अब वे ईओडब्ल्यू की रिमांड पर है। ईओडब्ल्यू की टीम उनसे पूछताछ कर रही है।
छत्तीसगढ़ चर्चित कोयला लेवी घोटाला करीब 570 करोड़ रुपए का है। यह पूरा मामला कोयला परिवहन से जुड़ा है। आरोप है कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद कोयला परिवहन की Online व्यवस्था को आफ लाइन कर दिया गया। इसी के जरिये पूरा भ्रष्टाचार हुआ।
आरोप है कि कोयला परिवहन की आफ लाइन व्यवस्था करने के बाद आरोपियों ने कोयला परिवहन करने वाली एजेंसियों से प्रतिटन के हिसाब से वसूली शुरू कर दी। इसमें 570 करोड़ रुपए से ज्यादा का भ्रष्टाचार हुआ।
इस मामले में दो आईएएस समेत करीब आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया गया है। कोयला लेवी घोटाला में आरोपी बनाए गए आईएएस अफसरों में समीर विश्रोई और रानू साहू शामिल हैं।
इस मामले में IAS समीर विश्रोई और IAS रानू साहू के साथ राज्य सेवा की उप सचिव रैंक की अफसर सौम्या चौरसिया भी गिरफ्तार हो चुकी हैं। रजनीकांत तिवारी, वीरेंद्र जायसवाल और संदीप नायक पकड़े जा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर को अब जमानत मिल चुकी है।
ED और EOW की चार्जशीट में कोयला लेवी घोटाला में सूर्यकांत तिवारी की प्रमुख भूमिका बताई गई है। इस मामले में गिरफ्तारी रजनीकांत तिवारी सूर्यकांत के ही भाई हैं।
इस मामले में दो आईएएस अफसरों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें समीर विश्रोई पर आरोप है कि इन्होंने माइनिंग डॉयरेक्टर रहते हुए कोयला परिवहन की व्यवस्था को ऑन लाइन से ऑफ लाइन किया। रानू साहू के कोरबा और रायगढ़ कलेक्टर रहने के दौरान पूरा खेल हुआ।