Coal scam रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित कोयला घोटाला की परते अब खुलने लगी है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष कोर्ट में दाखिल चार्जशीट किया है। इसमें ईडी ने मामले में शामिल सभी आरोपियों का पूरा काला चिट्ठा खोल दिया है।
ईडी का आरोप है कि कोयला परिवहन में करीब 570 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की गई है। इस कमाई का बड़ा हिस्सा आठ नेताओं और अफसरों को मिला। सबसे ज्यादा पैसा मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव रही राज्य सेवा की अफसर सौम्या चौरसिया को गया है।
ईडी की जार्चशीट के अनुसार इस घोटाला को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। इसके लिए सबसे पहले कोयला परिवहन के लिए जारी होने वाली ऑनलाइन परमिट को ऑफ लाइन कर दिया गया। यह आदेश आईएएस समीर विश्रोई ने जारी किया था।
कोयला लेवी में हुए 570 करोड़ रुपए में से सबसे ज्यादा पैसा सौम्या चौरसिया को मिला। ईडी की चार्जशीट के अनुसार सौम्या को 31 करोड़ रुपए मिला था। यह पैसा उन्हें 169 बार में पहुंचाया गया था।
कोरबा कलेक्टर रही आईएएस रानू साहू को 5 करोड़ 52 लाख रुपए मिला। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यावद को तीन करोड़ रुपए दिया गया था। इसी तरह कांग्रेस के तत्कालीन विधायक चंद्रदेव राय 46 लाख रुपए मिला था।
ईडी की चार्जशीट के अनुसार चंद्रदेव राय को मिले 46 लाख रुपए में से 42 लाख उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनाव में खर्च किया। बाकी बचे चार लाख रुपए से उन्होंने अपनी पत्नी के लिए सोने का हार खरीदा, जिसका वजह 60 ग्राम था। यह हार ईडी ने जब्त कर रखा है।
कोयला कारोबारियों को दो बार कमीशन देना पड़ता था। सूर्यकांत तिवारी कोल वाशरी वालों से 100 रुपए प्रति टन और कोयला परिवहन पर 25 रुपए प्रति टन कमीशन लेता था। यह पैसा अलग-अलग लोग वसूलते थे।
ईडी की चार्जशीट के अनुसार पूरे मामले का मास्टर माइंड सूर्यकांत तिवारी था। इसी ने पूरा सिंडिकेट खड़ा किया था। कोल वाशरी और परविहन करने वालों से वसूली सूर्यकांत के ही लोग करते थे। लोगों तक पैसा पहुंचाने में निखिल चंद्राकर की भूमिका रही।
ईडी की चार्जशीट के अनुसार सौम्या और रानू साहू ने अपने हिस्से की कमाई को प्रापर्टी में निवेश किया है। सौम्या ने अपनी मांग के नाम पर 22 संपत्ति खरीदी। वहीं, आईएएस रानू ने भाई व अन्य रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी है।
विधायक देवेंद्र यादव और तत्कालीन विधायक चंद्रदेव राय को मिले पैसे में से ज्यादार चुनाव में खर्च हुृआ। देवेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव और खैरागढ़ में हुए उप चुनाव में पैसा खर्च किया। वहीं राय को मिले 46 लाख में से 42 लाख उत्तर प्रदेश चुनाव में खर्च किया।
ईडी ने चार्जशीट के साथ मामले के आरोपियों के बीच वाट्सएप पर हुए चैट का स्क्रीन शॉर्ट भी जमा किया है। पत्नी के लिए हार खरीदने से पहले चंद्रदेव राय ने सूर्यकांत से पूछा कि किस ज्वलरी शॉप में जाउं। दुकान से राय दो हार की फोटो भेजकर सूर्यकांत से पूछते हैं कौन सा लूं।
ईडी की इस चार्जशीट में 36 लोगों के नाम हैं। इनमें सूर्यकांत तिवारी, सौम्या चौरसिया, समीर विश्रोई, रानू साहू, देवेंद्र यादव, चंद्रदेव राय, आरपी सिंह, विनोद तिवारी, एसएस नाग के साथ कुछ आईपीएस अफसरों के नाम भी शामिल हैं।