
Coal scam रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला घोटाला मामले में जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर अब सियासी तूफान खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईओडब्ल्यू और एसीबी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एजेंसियां लोगों को झूठे मामलों में फंसा रही हैं, फोन कर बयान देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
मजिस्ट्रेट के सामने कलमबद्ध नहीं किया बयान
बघेल ने कहा कि अब जबकि सीआरपीसी की धारा 164 की जगह बीएनएस 183 लागू हो चुकी है, तो बयान की प्रक्रिया और भी पारदर्शी और सख्त होनी चाहिए थी। लेकिन इसके उलट, एजेंसियों ने पहले से टाइप किए गए दस्तावेज को पेन ड्राइव में डालकर कोर्ट के कंप्यूटर में अपलोड कर दिया। मजिस्ट्रेट के सामने बयान कलमबद्ध नहीं हुआ यह पूरी प्रक्रिया संदिग्ध है,ज्ज् बघेल ने आरोप लगाया।
Coal scam अलग-अलग फॉन्ट
ईओडब्ल्यू द्वारा दाखिल निखिल चंद्राकर के बयान की प्रति में दो अलग-अलग फॉन्ट पाए गए हैं। कानूनी जानकारों के मुताबिक, यह छत्तीसगढ़ की अदालतों में इस्तेमाल होने वाले मानक प्रारूप से मेल नहीं खाता। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह साबित करता है कि बयान अदालत में नहीं, किसी बाहरी जगह पर तैयार किया गया। बघेल ने आरोप लगाया कि पूरा ऑपरेशन दिल्ली से संचालित हो रहा है। स्थानीय अफसर अब जनता की नहीं, दिल्ली के हुक्म की परवाह करते हैं।ज्ज् कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है, जिसका उद्देश्य विपक्षी नेताओं को फंसाना है।
सीलबंद लिफाफा मीडिया तक कैसे पहुंचा? – कांग्रेस
राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जिस बयान को सीलबंद लिफाफे में केवल मजिस्ट्रेट के सामने खोला जाना था, वह मीडिया हाउसों तक कैसे पहुंचा? बघेल ने कहा, क्या अब अदालत की गोपनीयता भी सुरक्षित नहीं रही? अगर यह लीक हुआ है, तो कानून की खुली अवहेलना है।ज्ज्
कोर्ट ने मांगा जवाब
इस मामले में चार वकीलों ने रायपुर की अदालत में संयुक्त शिकायत दर्ज कराई है। अदालत ने संज्ञान लेते हुए ईओडब्ल्यू चीफ आईजी अमरेश मिश्रा, डीएसपी राहुल शर्मा और एएसपी चंद्रेश ठाकुर को नोटिस जारी किया है। तीनों अधिकारियों को 25 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
Coal scam ना कोर्ट का डर, ना कानून का सम्मान – बघेल
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा, अब एजेंसियां खुद ही झूठे बयान और सबूत तैयार कर रही हैं। यह जांच नहीं, ‘सुपारी ऑपरेशन बन गया है। कोर्ट के नाम पर झूठे दस्तावेज पेश किए जा रहे हैं। पार्टी इस मामले को विधानसभा और सड़कों दोनों पर गरमाए रखने की तैयारी में है।




