Collector Conference रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राज्य के कलेक्टर और एसपी की बैठक लेंगे। यह बैठक दो दिनों तक चलेगी। कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस आज सुबह साढ़े दस बजे से शुरू होगी। इसमें सभी जिला पंचायतों के सीईओ और डीएफओ भी शामिल होंगे।
कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में प्रमुख रूप से प्रदेश में समर्थन मूल्य पर 15 नवंबर से शुरू शुरू होने जा रही धान व मक्का खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इनमें कृषक पंजीयन, गिरदावरी का सत्यापन, खरीदी केन्द्रों की तैयारी, प्रभारी की तैनाती, बारदानों की व्यवस्था, बिचौलियों व राज्य के बाहर से आने वाले धान की रोकथाम तथा वर्ष 2024-25 के धान का उठाव आदि की जानकारी ली जाएगी। इसके लिए 30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर कृषि विभाग द्वारा 20 मिनट का प्रजेंटेशन दिया जाएगा। प्रधानमंत्री सूर्यधर योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए ऊर्जा विभाग को 20 मिनट का समय दिया गया है। स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के लिए 40 मिनट का समय निर्धारित है। इस दौरान मातृ व शिक्षा स्वास्थ्य संबंधी विषय आईएमआर, एमएमआर, आरोग्य मंदिर के संचालन की स्थिति-एनसीडी स्क्रीनिंग व उपचार, आयुष्मान भारत जनआरोग्य योजना के क्रियान्वयन की स्थिति, संपूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति, टीबी, मलेरिया व डेंगू की रोकथाम की व्यवस्था, मितानिन दवा पेटी के लिए औषधियों की व्यवस्था व पीएमएबीएचआईएम के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षा विभाग द्वारा 30 मिनट का प्रजेंटेशन दिया जाएगा। इस दौरान एनईपी का प्रभावी क्रियान्वयन, दसवीं-बारहवीं परीक्षा के परिणामों का विश्लेषण, शिक्षकों की उपस्थिति, पीएम पोषण, सरस्वती सायकल वितरण व पीएम श्री योजना की समीक्षा की जाएगी।
वन आधारित आजीविका पर होगी चर्चा कलेक्टर्स-डीएफओ की 13 अक्टूबर को आयोजित बैठक में वन आधारित आजीविका, वन्यप्राणी संरक्षण व मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व की रोकथाम, वन भूमि व्यपवर्तन प्रकरणों का त्वरित निराकरण की समीक्षा की जाएगी। वन विभाग की समीक्षा बैठक दोपहर ढाई बजे से होगी। बैठक में वनों की अग्नि से रोकथाम व प्रबंधन, क्षतिपूर्ति वनीकरण, आर्द्रभूमि संरक्षण, उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के पालन, फ्लैगशिप स्कीम-एक पेड़ मां के नाम तथा सुशासन की दिशा में सुधार व डिजिटलाइजेशन आदि भी विस्तार से समीक्षा होगी।
कुपोषण में कमी लाने के लिए रणनीति पर भी चर्चा होगी। इसके लिए महिला व बाल विकास विभाग को 30 मिनट का समय दिया गया है। इसमें सक्षम आंगनबाड़ी, सुपोषण चौपाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों पर भर्ती, पोषण एप का उपयोग व प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा की जाएगी।
रविवार को कॉन्फ्रेंस में स्किलिंग-तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री कौशल विकास, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना तथा रोजगार मेलों के आयोजन की समीक्षा की जाएगी। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी चर्चा होगी।