Collector SP Conference पुलिस अधीक्षकों से CM का सीधा सवाल- गुंडे- बदमाशों में क्यों नहीं है पुलिस का खौफ, बिगड़ी व्यवस्था पर नाराजगी

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Collector SP Conference रायपुर। छत्तीगसढ़ में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय संतुष्ट नहीं है। इसका असर सोमवार को कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस नजर आया। बैठक के दौरान साय ने जिलों के पुलिस कप्तानों से सीधे पूछा कि गुंडे- बदमाशों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं है। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को नसीहत दी कि अपराधियों में हो कानून का भय होना चाहिए और जनता में सुरक्षा का अहसास होना चाहिए।

कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन

मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन सोमवार को साय ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था Law and order  की समग्र स्थिति, मादक पदार्थ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा road safety, साइबर अपराधों की रोकथाम और प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने आदि की समीक्षा की। इस अवसर पर गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव  विकास शील, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कन्वर्जन और चंगाई सभा पर सख्ती

बैठक के दौरान धर्मांतरण conversion  रोकने पर जोर देते हुए साय ने कहा कि पुलिस अधीक्षक बढ़ते कन्वर्जन पर लगाम लगाएं। इसे पूरी प्राथमिकता देते हुए किया जाए। कन्वर्जन से जुड़े प्रसंगों में जब सरगुजा का नाम आया तो वहां के एसपी ने कहा कि उनके वहां कन्वर्जन नहीं हो रहे, चंगाई सभा होते हैं इस पर मुख्यमंत्री बोले, चंगाई सभा Healing Meeting कन्वर्जन का पहला चरण है। इसलिए चंगाई सभा पर सख्ती बरते। 

इन जिलों के एसपी पर नाराज

विष्‍णुदेव साय ने राजनांदगांव, धमतरी, बलरामपुर, कोरबा और सरगुजा के पुलिस अधीक्षकों से अपने जिलों में कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इन जिलों में अपराधों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने खासतौर से राजनांदगांव का जिक्र किया। साय ने कहा कि राजनांदगांव शांत जिला था। मगर वहां अब तेजी से अपराध सिर उठा रहे हैं। एसपी इस पर फौरन अंकुश लगाएं।

Collector SP Conference कानून-व्यवस्था कलेक्टरों की भी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था Law and order  बनाए रखने में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिन जिलों में दोनों के बीच समन्वय मजबूत है, वहां बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को प्रशासनिक उदासीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने, चाकूबाजी और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस Zero Tolerance नीति अपनाई जाए। गो-तस्करी और कन्वर्जन जैसे संवेदनशील मामलों पर सघन निगरानी रखी जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार किया है, उनके अनुभवों को अन्य जिलों में मॉडल के रूप में लागू किया जाए।

मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्ती

साय ने नशाखोरी और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा अपराधों की जड़ है, और इसे समाप्त करना ही कानून-व्यवस्था सुधार की पहली शर्त है। मुख्यमंत्री ने एनकॉर्ड Encord  के तहत राज्यव्यापी अभियान चलाने, सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर रोक लगाने और एनडीपीएस एक्ट के तहत समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

घुसपैठियों की तलाश में सघन अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में घुसपैठियों intruders  की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों में सघन जांच की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों की अनदेखी अक्सर गंभीर अपराधों को जन्म देती है, इसलिए प्रत्येक मामले में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।

रात 10 बजे के बाद डीजे पर रोक

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था सुधार के लिए कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सुधारात्मक कार्य किए जाने, रात 10 बजे के बाद डीजे या लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने और नशे में वाहन चलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

Collector SP Conference साइबर क्राइम रोकने प्रशिक्षण पर जोर

कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे रोकने के लिए पुलिस बल को निरंतर तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया गया। साथ ही  साइबर हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार जनसंपर्क विभाग के सहयोग से व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए गए।

बैठक की महत्वपूर्ण बातें

0 रोज बदलते है साइबर अपराध के तरीके, लोगों को दी जाए जानकारी

0 अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने की हो विशेष पहल

0 साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से हो प्रचार-प्रसार

0 रेंज लेवल में 5 साइबर थाने संचालित, 9 थानों का शीघ्र होगा संचालन

0 मुख्यमंत्री ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के व्यापार पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश

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0 अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाएं निगरानी

0 पिट एनडीपीएस एक्ट के मामलों  में समय सीमा में हो कार्रवाई

0 नशाखोरी के खिलाफ चलाएं व्यापक मुहिम, युवाओं को करें जागरूक

0 मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

0 सड़क सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर हो कड़ी कार्रवाई

0 हेलमेट, सीट बेल्ट न पहनने और नशे में वाहन चलाने वालों में हो कानून का भय

0 ब्लैक स्पॉट को चिन्हांकित कर दुर्घटना के कारणों को करें दूर

chatur postOctober 13, 2025
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