
Commutation रायपुर। पेंशन की कम्यूटेशन की राशि की वसूली को लेकर एक खबर तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। इस खबर के साथ केंद्र सरकार का एक गजट नोटिफिकेशन भी वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पेंशन की कम्यूटेशन की राशि की वसूली 15 की बजाय अब 10 साल और 8 माह कर दी गई है।
chaturpost.com ने की पड़ताल
सोशल मीडिया में वायरल हो रही इस खबर की chaturpost.com ने पड़ताल की। केंद्र सरकार का वह गजट नोटिफिकेशल हासिल किया। सुप्रीम कोर्ट की साइट पर दिए गए केस नंबर को सर्च किया। फैक्ट चेक करने वाली एजेंसियों से भी संपर्क किया। इसके साथ ही सोशल मीडिया में चल रही खबरों की भी पड़ताल की।
जानिए- पेंशन की कम्यूटेशन की अवधि की क्या है सच्चाई
वायरल खबर में केंद्र सरकार का जो नोटिफिकेशन है, वह सही है, लेकिन केवल एक पेज वायरल हो रहा है। हिंदी और अंग्रेजी मिलाकर यह कुल 22 पन्नों का नोटिफिकेशन है। यहां क्लिक करके आप भी नोटिफिकेशन का हिंदी संस्करण पढ़ सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट का केस नंबर
खबर में सुप्रीम कोर्ट ने सिविल रिट याचिका संख्या 2490 और केस संख्या 8222/2024 का उल्लेख है। सुप्रीम कोर्ट की साइट पर इस नंबर का कोई केस उपलब्ध नहीं है।
फैक्ट चेक एजेंसियों ने क्या बताया
फैक्ट चेक एजेंसियों ने इस खबर को भ्रामक बताया है। तथ्य यह है कि वर्तमान में केंद्रीय सिविल सेवा नियम, 1981 के तहत वसूली की अवधि 15 वर्ष ही बरकरार है। सुप्रीम कोर्ट या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक आदेश इसे कम करने के लिए जारी नहीं किया गया है, हालांकि विभिन्न उच्च न्यायालयों में याचिकाएं लंबित हैं।
छत्तीसगढ़ के 19 IAS, 15 IFS व 06 IPS दागी: कुल 50 मामले, एक IAS पर 7, चार पर दो-दो FIR, देखिए पूरी सूची
• मौजूदा नियम: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए, कम्यूटेड पेंशन का मूल्य 15 वर्षों के बाद बहाल किया जाता है।
• भ्रामक खबरें: सोशल मीडिया और कुछ वीडियो में दावा किया जा रहा है कि 15 साल की वसूली अवधि घटकर 10 वर्ष 8 माह या 11 वर्ष हो गई है, लेकिन यह सच नहीं है।
बेटियों को 1.5 लाख रुपए देगी विष्णु सरकार: वित्त मंत्री चौधरी ने बताया इन्हें मिलेगा लाभ, जानिए क्या है पात्रता
• न्यायालय का रुख: चंडीगढ़ CAT और तेलंगाना उच्च न्यायालय सहित अन्य न्यायालयों ने 15 साल की अवधि को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है, और पूर्व के सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए 15 साल के नियम की पुष्टि की है।
छत्तीसगढ़ के 12 एडिशनल और डिप्टी कलेक्टर हैं निलंबित: किसी पर यौन शोषण तो किसी पर हत्या का आरोप
• अधिसूचना: हाल ही में सामने आए कुछ अंतरिम आदेशों (जैसे पंजाब और हरियाणा HC में राम स्वरूप जिंदल बनाम पंजाब राज्य) में स्टे आर्डर की बात कही गई है, लेकिन यह व्यापक नीतिगत बदलाव नहीं है।
फैक्ट चेक एजेंसियों की सलाह
पेंशनर्स को वर्तमान में 15 वर्ष की अवधि के अनुसार ही कटौती जारी रखने की आधिकारिक जानकारी है। किसी भी आधिकारिक बदलाव के लिए कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना पर भरोसा करना चाहिए।



