Naxalism रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे के दावे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा प्रहार किया है। कांग्रेस ने सरकार के दावों को घेरते हुए 10 गंभीर सवाल पूछे हैं और पूछा है कि क्या सरकार अब बस्तर में शांति और सुरक्षा की पूरी गारंटी लेगी?
“भाजपा राज में ही फला-फूला नक्सलवाद” : दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में नक्सलवाद की जिम्मेदार भाजपा की नीतियां हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2003 में जब भाजपा सत्ता में आई, तब नक्सलवाद बस्तर के केवल 3 ब्लॉकों तक सीमित था, जो रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल में बढ़कर 14 जिलों तक पहुंच गया। बैज ने ताड़मेटला, झीरम घाटी और मदनवाड़ा जैसी बड़ी शहादतों का जिक्र करते हुए पूछा कि इन घटनाओं का जिम्मेदार कौन है?
कांग्रेस ने गिनाए भूपेश सरकार के आंकड़े
दीपक बैज ने दावा किया कि कांग्रेस की सरकार के दौरान नक्सली घटनाओं में 80 प्रतिशत की कमी आई थी। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया:
- वर्ष 2023 में केवल 134 नक्सल घटनाएं हुईं, जो 2018 के मुकाबले चार गुना कम थीं।
- कांग्रेस शासन में 1589 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
- बस्तर संभाग के 589 गांव पूरी तरह से नक्सल प्रभाव से मुक्त हुए।
बैज ने कहा कि आज सुरक्षा बलों को जो सफलता मिल रही है, उसका आधार भूपेश सरकार की ‘विश्वास, विकास और सुरक्षा’ की नीति है।
सरकार से 10 चुभते सवाल
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने 31 मार्च की समय सीमा बीतने पर सरकार से जवाब मांगा है:
- क्या सरकार आधिकारिक घोषणा करती है कि प्रदेश अब पूर्णतः नक्सल मुक्त है?
- क्या सरकार गारंटी देगी कि अब प्रदेश में कोई नक्सल हिंसा नहीं होगी?
- नक्सलवाद समाप्ति का सरकार ने क्या पैमाना माना था और कितने पूरे हुए?
- क्या अब बस्तर में किसी निर्दोष आदिवासी का खून नहीं बहेगा?
- यदि नक्सलवाद समाप्त हो गया, तो बस्तर से फोर्स के कैंप और बटालियन हटाना कब शुरू होगा?
- क्या नागरिक अब बस्तर में कहीं भी बेरोक-टोक आ-जा सकते हैं?
- क्या अब नक्सलवाद के नाम पर निर्दोषों का ‘एनकाउंटर’ बंद होगा?
- क्या नक्सल सुरक्षा घेरे (Security Review) की अब समीक्षा की जाएगी?
- क्या आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन पर बेखौफ अधिकार की गारंटी मिलेगी?
- झीरम घाटी जैसे राजनीतिक हत्याकांड के दोषियों को सजा कब मिलेगी?

