
Congress रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की वोट चोर गद्दी छोड़ यात्रा समाप्त होते-होते बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। यात्रा के दौरान कांग्रेस के एक विधायक पर राष्ट्रीय चिन्ह का अपमान करने का आरोप लगा है। भाजपा इसके मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
उमेश पटेल पर लगा आरोप
राष्ट्रीय चिन्ह अशोक चक्र के अपमान का आरोप कांग्रेस विधायक उमेश पटेल पर लगा है। उमेश पटेल खरसियां सीट से विधायक हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में वे उच्च शिक्षा मंत्री थे।
Congress वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया में उमेश पटेल का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो कांग्रेस के वोट चोर गद्दी छोड़ यात्रा के दौरान का है। इसमें उमेश पटेल गाड़ी की बोनट पर बैठे सेल्फी ले रहे हैं, पीछे प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और पीसीसी चीफ दीपक बैज व अन्य नेता हैं।

चक्र पर जूता पहने आए नजर
उमेश पटेल बोनट पर जहां बैठे हैं, वहां अशोक चक्र बना हुआ है। उमेश का जूता अशोक चक्र पर नजर आ रहा है। भाजपा ने इसे ही मुद्दा बना लिया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने इसको लेकर बयान जारी किया है।
अपमानजनक आचरण
प्रवक्ता चिमनानी ने पटेल भारतीय संविधान व राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के प्रतीक अशोक चक्र पर जूते पहने बैठे नजर आ रहे हैं। संविधान, लोकतंत्र, राष्ट्रीय अस्मिता के साथ कांग्रेस किस निम्न स्तर तक जाकर अपमानजनक आचरण का प्रदर्शन करती है। पटेल का यह कांग्रेसी राजनीतिक चरित्र इसकी पुष्टि करने के लिए पर्याप्त है।
Congress लपेटे में पायलट और बैज भी
भाजपा प्रवक्ता ने इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष पर भी निशाना साधा है। चिमनानी ने कहा है कि यह सब पायलट और बैज के सामने हुआ लेकिन वो इसका विरोध करने की बजाय सेल्फी खिंचवाते रहे,ये शर्मनाक है।
राष्ट्रीय शौर्य का प्रतीक है चिन्ह
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चिमनानी ने कहा कि अशोक चक्र को देश के जवानों को सर्वोच्च वीरता पुरस्कार के लिए दिया जाता है, राष्ट्रीय शौर्य के सम्मानित प्रतीक उस अशोक चक्र पर खरसिया के कांग्रेस विधायक अपना जूता पहने बैठे हैं। यह संवैधानिक और राष्ट्रीय मान बिंदुओं के साथ-साथ देश की जनभावनाओं, सेना के जवानों के घोर अपमान का शर्मनाक और अक्षम्य अपराध है।
कांग्रेस की भ्रष्ट राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन
भाजपा प्रवक्ता चिमनानी ने कहा कि रैली से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें यह आईने की तरह साफ हो रहा है कि रैली में भीड़ जुटाने के नाम पर कांग्रेसियों ने 200 रुपए मजदूरी देने की बात कहकर महिलाओं को बुलाया लेकिन 100 रुपए ही थमाए गए।




