
Congress रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र की रणनीति तय करने कांग्रेस विधायक दल की आज बैठक होगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं की भी मौजूदगी रहेगी।
बनेगी आक्रामक रणनीति
नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन में होने वाले पहले सत्र में ही कांग्रेस आक्रामक रूख अपनाने के मूड में है। प्रदेश में हावी ज्वलंत मुद्द्दों को सदन में उठाने रणनीति तय कर विधायकों को दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे।
सत्र से दो दिन पहले बैठक
कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। दिल्ली में 14 दिसंबर को आयोजित बोट चोर गद्दी छोड़ महारैली के चलते विधायक दल इस बार सत्र से दो दिन पहले ही रणनीति तय करने जुटेगा। प्रदेश में हावी ज्वलंत मुद्दों के मद्देनजर इस बार सदन में भारी हंगामे की संभावना है।
सदन में उठाए जाने वाले विषयों पर रायशुमारी
विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों को अलग-अलग माध्यमों से उठाने की तैयारी में है। मुद्दों को लेकर विपक्ष ने रूपरेखा तैयार कर ली है। विधायक दल में रायशुमारी होगी कि किन मुद्दों को सदन में किन माध्यमों से उठाया जाए। इसके बावजूद प्रदेश में इस बार धान खरीदी में फैली भारी अव्यवस्था और किसानों को शुरू से हो रही दिक्कतों को लेकर सदन में लगभग सभी विधायकों ने सवाल लगाए हैं।
धान खरीदी में अव्यवस्था
सभी क्षेत्रों में किसानों को धान खरीदी में भारी अव्यवस्थाओं से जूझने की शिकायतें हैं। प्रदेश के किसानों से जुड़ा मामला होने की वजह से विपक्ष, स्थगन प्रस्ताव के जरिए सरकार को घेरने की रणनीति तय कर सकता है। किसानों की नाराजगी को आधार बनाकर भी सरकार पर चौतरफा हमले की तैयारी होगी।
जमीन की गाइड लाइन दर पर घेरने की तैयारी
इसी तरह प्रदेश में लागू की गई नई गाइड लाइन दरें और संशोधन के बावजूद गरीब और मध्यम वर्ग को इससे कोई राहत नहीं मिलने के मामले में भी विपक्ष तैयारी में है।
बिजली बिल का मुद्दा भी
इसके अलावा बीते तीन माह से प्रदेश में आम लोगों को मिल रहे भारी भरकम बिजली बिल का मुद्दा भी गरमाएगा। विपक्ष का दावा है कि सिर्फ दो सौ यूनिट में 50 फीसदी रियायत देने से बिजली बिलों का बोझ कम नहीं होगा। इसके लिए फिर से चार सौ यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना बहाल करने के मुद्दे पर रणनीति तय हो सकती है।
मोदी की गारंटी पर घेराबंदी
सत्र के दौरान ही 17 दिसंबर को भाजपा सरकार के दो साल पूरे होंगे। विपक्ष ने इस दौरान सदन में मोदी की गारंटी फेल होने के आरोपों के साथ घेराबंदी को लेकर भी पूर्व में चर्चा की है। विधायक दल में रायशुमारी के बाद इस पर रणनीति तय ही सकती है।
इन मुद्दों पर घेराबंदी की रणनीति
- चान खरीदी में अव्यवस्था, कम खरीदी व किसानों का पंजीयन
- गाइडलाइन दरों से पड़ने वाले प्रभाव
- घरेलू उपभोक्ताओं की भारी भरकम बिजली बिल
- बदहाल कानून व्यवस्था एवं आदिवासियों पर अत्याचार
- उद्योगों के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए जनसुनवाई में ग्रामीणों के विरोध पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई। अमेरा, खैरागढ़, तमनार, मैनपाट की घटना।
- प्रदेश में मनरेगा का काम बंद होने का मामला समेत अन्य मुद्दे।




