CS of Chhattisgarh रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन नए रिकार्ड के साथ 30 जून को इस पद से सेवाविृत्त हो जाएंगे। इससे पहले ही राज्य के नए मुख्य सचिव के नाम की घोषणा हो सकती है। छत्तीसगढ़ के 13वें मुख्य सचिव कौन होंगे। इस पर फिलहाल सस्पेंश बना हुआ है, नाम की घोषणा के साथ ही यह सस्पेंश भी समाप्त हो जाएगा।
सामान्यत: प्रदेश के कैडर में मौजूद सबसे वरिष्ठ आईएएस अफसर को राज्य का मुख्य सचिव बनाया जाता है, लेकिन अब यह परंपरा बदल चुकी है। कई बार एक- दो बैच जूनियर को भी सुपरशीट करके मुख्य सचिव बना दिया जाता है। ऐसे में वरिष्ठ आईएएस अफसरों को मंत्रालय के बाहर कोई जिम्मेदारी दे दी जाती है।
छत्तीसगढ़ कैडर में वरिष्ठता के लिहाज से चार अफसर मुख्य सचिव के पद की दौड़ में शामिल है। इसमें दो महिला और दो पुरुष अफसर शामिल हैं। इनमें सबसे वरिष्ठ महिला आईएएस रेणु जी पिल्ले हैं। पिल्ले 1991 बैच की आईएएस हैं। इनके बाद 1992 बैच के सुब्रत साहू का नाम है।
छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव की कुर्सी के दावेदारों में 1994 बैच की एसीएस ऋचा शर्मा के साथ ही उन्हीं के बैच के मनोज कुमार पिंगुआ भी शामिल हैं। वरिष्ठता के आधार पर यदि चयन होगा तो रेणु पिल्ले मुख्य सचिव बन सकती हैं, ऐसा हुआ तो वे प्रदेश की पहली महिला मुख्य सचिव होंगी, लेकिन इसकी संभावना नहीं दिख रही है।
मुख्य सचिव के पद की दौड़ में एसीएस सुब्रत साहू और मनोज कुमार पिंगुआ के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि बीच- बीच में अमित कुमार का नाम भी आ रहा है। अमित कुमार 1993 बैच के आईएएस हैं और 2016 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में हैं। सरकार में उच्च पदस्थ अफसरों के अनुसार साहू और पिंगुआ में से किसी एक को लेकर समीकरण नहीं बना तो अमित कुमार को दिल्ली से बुलाया जा सकता है।
एसीएस सुब्रत साहू ही मुख्य सचिव के पद के प्रबधल दावेदार हैं, क्योंकि पिंगुआ 1994 बैच के हैं, वे 2029 में रिटायर होंगे। कैडर में करीब आधा दर्जन अफसर उनसे वरिष्ठ हैं, हालांकि उनमें से तीन अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसके बावजूद पिंगुआ को सीएस बनाए जाने की स्थिति में तीन अफसरों रेणु पिल्ले, सुब्रत साहू और ऋचा शर्मा को मंत्रालय से बाहर पदस्थ करना पड़ेगा। ऐसे में साहू का नंबर लग सकता है।
बता दें कि 2023 में भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद से साहू की ग्रहदशा ठीक नहीं है। कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री के एसीएस रहे साहू जनवरी 2024 में ही मंत्रालय से बाहर पोस्ट कर दिया गया था। इसके बाद से उनकी वापसी नहीं हुई है। इसी वजह से उनकी दावेदारी को थोड़ा कमजोर माना जा रहा है।
एसीएस रेणु जी पिल्ले मूलत: आंध्रप्रदेश की रहने वाली हैं। 1991 बैच की आईएएस समाजशास्त्र में एमए और पीएचडी हैं। उनके पति आईपीएस संजय पिल्ले डीजी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वे फरवरी 2028 तक सेवा में रहेगीं।
छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के आईएएस सुब्रत साहू ओडिशा के रहने वाले हैं। साहू राजनीति शास्त्र में मास्टर हैं। साहू जुलाई 2028 तक सेवा में रहेंगे। साहू राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रह चुके हैं।