
CSDPCL रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली वितरण कंपनी में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। प्रारंभिक जांच के बाद कुछ इंजीनियरों पर कार्यवाही की गई है। अब जांच के लिए नई टीमों का गठन किया गया है। कहा जा रहा है कि जैसे- जैसे जांच होगी वैसे- वैसे कई और भ्रष्टाचारी बेपर्दा होंगे।
40 अफसरों की बनी जांच टीम, 10 दिन में मांगी रिपोर्ट
कंपनी प्रबंधन ने भ्रष्टाचार की जांच के लिए 40 अफसरों की टीम बनाई है। इन अफसरों की 12 टीमें गड़बड़ी की शिकायत वाले जिलों में जाकर जांच करेगी। जांच टीमों को 10 दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
CSDPCL जानिए- क्या है मामला
पूरा मामला केंद्र सरकार की आरडीएसएस यानी पुर्नगठित वितरण क्षेत्र योजना में गड़बड़ी का है। इस मामले में प्रारंभिक जांच के बाद कोरबा के ईई अभिमन्यु कश्यप और जांजगीर के ईई एचके मंगेशकर को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य अभियंता प्रोजेक्ट राजेंद्र प्रसाद के स्थानांतरण को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
इन जिलों में मिली है गड़बड़ी की शिकायत
कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही के साथ मुंगेली में गड़बड़ी की शिकायतें मिली है। कोरबा में 110 करोड़ का काम हुआ है। मुंगेली में 23.37 करोड़, मरवाही में 20 करोड़ और बिलासपुर में 66.72 करोड़ का काम हुआ है।
ऐसे हुआ भ्रष्टाचार
आरोप है कि काम और उपकरणों की गुणवत्ता में टेंडर की शर्तों का पालन नहीं किया गया है। आईएसआई मार्क वाले केबलों के स्थान पर लोकल केबल लगा दिए गए हैं। केबल का केग भी मानकों के अनुसार नहीं है।
CSDPCL ऐसे पकड़ में आई गड़बड़ी
योजना के तहत किए गए कामों में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का खुलासा कुछ महीने पहले हुआ। बार-बार लाइन में फाल्ट आने के बाद कारणों की जांच की गई तो केबल और उपकरणों की गुणवत्ता में खराबी का खुलासा हुआ।
एमडी के निर्देश पर जांच
वितरण कंपनी के एमडी भीमसिंह कंवर के निर्देश पर पूरे मामले की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए गए दो ईई को निलंबित कर दिया गया। वहीं मुंगेली और बिलासपुर के स्टोर को सील कर दिया गया है।




