CSEB बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के आह्वान पर आज बिलासपुर में एक विशाल ज्ञापन-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में बिजली कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। यह ज्ञापन कंपनी प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की लंबित मांगों पर अब तक कोई ठोस और लिखित आदेश जारी न किए जाने के विरोध में सौंपा गया।
आज के इस शांतिपूर्ण और अनुशासित प्रदर्शन में महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय तिवारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष संतोष शर्मा, प्रदेश वितरण ठेका कर्मचारी प्रभारी शिशिर कुमार मजूमदार की प्रमुख उपस्थिति रही। इसके साथ ही बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी, तथा पेंड्राटोड, मुंगेली, कोरबा एवं बिलासपुर से आए कर्मचारी-अधिकारी एकजुट होकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करते नजर आए।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महासंघ द्वारा पूर्व में किए गए आंदोलन के पश्चात कंपनी प्रबंधन ने सकारात्मक आश्वासन दिए थे, जिसके आधार पर महासंघ ने अपने आंदोलन को स्थगित किया था, समाप्त नहीं किया था। किंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज तक उन आश्वासनों के अनुरूप कोई ठोस निर्णय या आदेश जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में गहरी निराशा और आक्रोश व्याप्त है।
प्रांतीय अध्यक्ष संजय तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि बिजली कर्मचारी प्रदेश की जीवनरेखा माने जाने वाले विद्युत तंत्र को 24 घंटे सुचारु बनाए रखने के लिए कठिन परिस्थितियों में भी कार्य कर रहे हैं। बावजूद इसके, कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महासंघ संवाद के पक्ष में है, लेकिन केवल मौखिक आश्वासन अब स्वीकार्य नहीं हैं। जब तक समुचित एवं लिखित आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
क्षेत्रीय अध्यक्ष संतोष शर्मा ने कहा कि कंपनी प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की सुविधाओं में कटौती, कार्यभार में लगातार वृद्धि और लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण न किया जाना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर संभाग सहित पूरे प्रदेश में कर्मचारियों में रोष है और आज का ज्ञापन-प्रदर्शन उसी का प्रमाण है।
प्रदेश वितरण ठेका कर्मचारी प्रभारी शिशिर कुमार मजूमदार ने अपने वक्तव्य में ठेका एवं संविदा कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ठेका कर्मचारियों से स्थायी कर्मचारियों के समान कार्य लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं, सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य नहीं मिल पा रहा है। महासंघ सभी वर्गों के कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
आज के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली, जिन्होंने कार्यस्थल की समस्याओं, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसरों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया। महिला कर्मचारियों की उपस्थिति ने इस आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाया।
ज्ञापन के माध्यम से महासंघ ने कंपनी प्रबंधन से मांग की कि कर्मचारियों से जुड़े सभी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करते हुए स्पष्ट, लिखित एवं क्रियान्वयन योग्य आदेश जारी किए जाएं। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो महासंघ प्रदेशव्यापी स्तर पर आंदोलन को और अधिक तेज करने के लिए बाध्य होगा।
महासंघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं अनुशासित है। कर्मचारियों का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान है। आज का ज्ञापन-प्रदर्शन कर्मचारियों की एकता, दृढ़ संकल्प और संगठनात्मक शक्ति का प्रतीक है।
अंत में महासंघ ने कंपनी प्रबंधन से अपेक्षा व्यक्त की कि वह कर्मचारियों की भावनाओं को समझते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले, जिससे औद्योगिक सौहार्द बना रहे और प्रदेश की विद्युत व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित होती रहे।