
CSERC रायपुर। छत्तीसगढ़ में हेमंत वर्मा के इस्तीफे की वजह से विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी खाली हो गई है। हेमंत वर्मा 19 सितंबर को छत्तीसगढ़ से रिलीव हो चुके हैं। अब विद्युत नियामक आयोग के लिए नए अध्यक्ष की तलाश शुरू होगी। इसे देखते हुए दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं।
विद्युत नियामक आयोग में अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित है। सबसे पहले ऊर्जा विभाग अध्यक्ष का पद रिक्त होने की अधिसूचना जारी करेगा। इसके बाद योग्य लोगों से आवेदन आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही अध्यक्ष के चयन के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी।
जस्टिस अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बनी थी कमेटी
2021 में अध्यक्ष के चयन के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस सतीश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कमेटी बनी थी। यह कमेटी पद के लिए प्राप्त् आवेदनों की जांच करने के बाद योग्य पाए गए उम्मीदवारों में से तीन नामों का सुझाव ऊर्जा विभाग के जरिये राज्य सरकार को भेजती है।
CSERC मुख्य सचिव को माना जा रहा प्रमुख दावेदार
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अगले अध्यक्ष के लिए जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह राज्य के वर्तमान मुख्य सचिव अमिताभ जैन का है। जैन जून में सेवानिवृत्त हो गए थे, लेकिन उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार मिला है। इसकी समय सीमा 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। माना जा रहा है कि इसके बाद अमिताभ जैन को आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी जाएगी।
अक्टूबर के अंत तक होगी नई नियुक्ति
जानकारों के अनुसार आयोग के नए अध्यक्ष की नियुक्ति अक्टूबर के अंत या नवंबर के पहले सप्ताह तक होगी। नियुक्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। इस प्रक्रिया में करीब महीनेभर का समय लग सकता है।
CSERC विद्युत नियामक आयोग के अब तक के अध्यक्षों की सूची
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग का गठन 2004 में हुआ था। सेवानिवृत्त आईएएस एसके मिश्रा आयोग के पहले अध्यक्ष बनाए गए। वे मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। मिश्रा विद्युत मंडल के अध्यक्ष भी रह चुके थे। उनका कार्यकाल 2009 तक रहा।
मनोज डे पहले टेक्नोक्रेट अध्यक्ष
इंजीनियर मनोज डे विद्युत नियामक आयोग के पहले टेक्नोक्रेट अध्यक्ष थे। एसके मिश्रा के बाद सरकार ने मनोज डे को आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। मनोज डे बिजली बोर्ड के सदस्य रह चुके थे। डे का कार्यकाल 2009 से 2013 तक रहा।
लगातार दो आईएएस बने अध्यक्ष
मनोज डे के बाद सरकार ने फिर सेवानिवृत्त आईएएस नारायण सिंह को आयोग का अध्यक्ष बनाया। नारायण सिंह 2013 से 2018 तक आयोग के अध्यक्ष रहे। उनके बाद डीएस मिश्रा को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। डीएस मिश्रा भी सेवानिवृत्त आईएएस थे। वे 2021 तक अध्यक्ष रहे।
हेमंत वर्मा पांचवें अध्यक्ष
विद्युत नियामक आयोग को बने करीब 22 साल हो गए हैं। अब तक आयोग में पांच अध्यक्ष रह चुके हैं। हेमंत वर्मा आयोग के पांचवें अध्यक्ष थे। इनकी नियुक्ति कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी।




