CSERC: विद्युत नियामक आयोग में सदस्य की दोनों कुर्सी खाली, इंतजार में दावेदार

CSERC: रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) में सदस्य के दो पद हैं और इस वक्त दोनों की पद खाली हैं। आयोग में सदस्य का एक पद सितंबर 23 में खाली हो गया था, जबकि दूसरा पद इसी साल जून में खाली हुआ। CSERC में खाली दोनों पदों को भरने की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पाई है, लेकिन दावेदार तैयारी में लग गए हैं।
जानकारों के अनुसार विद्युत नियामक आयोग में सदस्य (न्यायिक) रहे विनोद देशमुख का कार्यकाल सितंबर 2023 में खत्म हो चुका है। चूंकि सितंबर में 2023 में राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी थी, ऐसे में उनका कार्यकाल भी बढ़ नहीं पाया।
देशमुख के जाने के बाद आयोग में चेयरमैन हेमंत वर्मा के साथ प्रमोद गुप्ता सदस्य के रुप में काम कर रहे थे। गुप्ता की नियुक्ति जुलाई 2021 में कांग्रेस सरकार के दौरान हुई थी। इसी साल जून में 65 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद गुप्ता सेवा निवृत्त हो गए। बता दें कि आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्तियां 5 वर्ष के लिए होती है, लेकिन उससे पहले यदि 65 वर्ष की आयु पूरी हो जाती है तो सेवा निवृत्त होना पड़ता था।
दोनों सदस्यों के सेवानिवृत्त होने की वजह से आयोग में अध्यक्ष हेमंत वर्मा अकेले रह गए हैं। इस बीच नए ट्रैरिफ की तैयारी शुरू हो चुकी है, लेकिन आयोग में सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पाई है।
जानिए.. आयोग में कैसे होती है सदस्यों की नियुक्ति
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए ऊर्जा विभाग की तरफ से विज्ञापन जारी किया जाता है। प्राप्त आवेदनों के आधार पर चयन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
CSERC: सदस्यों की समय पर नियुक्ति नहीं से कामकाज पर पड़ेगा असर
जानकारों के अनुसार विद्युत नियामक आयोग में समय पर सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने से आयोग के कामकाज पर असर पड़ेगा। बताते चलें कि आयोग में न केवल सरकारी बल्कि राज्य में स्थापित प्राइवेट सेक्टर की बिजली कंपनियों से जुड़े कामकाज भी होते हैं।
इससे दोनों सेक्टरों का काम प्रभावित हो सकता है। इन सबके बीच राज्य की तीनों सरकारी बिजली कंपनियों में अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए टैरिफ प्रस्ताव आयोग को सौंप दिया। इसके परीक्षण के बाद आयोग की तरफ से प्रस्तावों पर जन सुनवाई आदि की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।