CSERC रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग में रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी है। आयोग ने इसके लिए विज्ञापन जारी किया है। सभी नियुक्तियां प्रतिनियुक्ति के आधार पर होगी। ऐसे में आयोग ने विभिन्न सरकारी विभागों में पदस्थ शासकीय सेवकों से आवेदन आमंत्रित किया है।
विद्युत नियामक आयोग ने जिन 13 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किया है उनमें Director (Law), Sr. Law Officer, Law Officer, Economic Analyst के एक-एक पद शामिल हैं। इसके साथ ही Joint Director (Tariff), Deputy Director (Tariff), Joint Director (Engineering), Deputy Director (Engineering) और Deputy Director (Regulatory Affairs) का एक-एक पद है। वहीं, Personal Assistant और Stenographer के दो-दो पदों पर नियुक्ति होनी है।
आयोग की तरफ से जारी विज्ञापन के अनुसार सरकारी विभागों के योग्य उम्मीदवार इन पदों के लिए 20 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में, उचित माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पद का विवरण जैसे वेतनमान, आवश्यक योग्यताएँ/अर्हक सेवा, अनुभव आदि और नियुक्ति के लिए अन्य नियम व शर्तें आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov.in पर उपलब्ध हैं। आयोग चयन के समय विद्यमान परिस्थितियों के आधार पर पदों की संख्या में परिवर्तन करने और किसी एक या सभी पदों को रिक्त रखने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
आयोग में नियुक्त व्यक्तियों को देय पारिश्रमिक उनके मूल विभाग द्वारा दिए जाने वाले पारिश्रमिक के समान ही होगा। छत्तीसगढ़ सरकार के लागू नियमों के अनुसार, आयोग द्वारा निर्दिष्ट वेतन और भत्ते प्राप्त करने का विकल्प देने की वर्तमान में अनुमति नहीं है। आयोग द्वारा निर्दिष्ट किए जाने तक, प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त व्यक्तियों की नियुक्ति की शर्तें और नियम छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार होंगी।
प्रतिनियुक्ति भत्ता छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित अवधि के लिए और प्रचलित नियमों के अनुसार देय होगा। शासकीय आवास-आबंटन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस परिपत्र के अंतर्गत नियुक्त किए जाने वाले अभ्यर्थी को सीएसईआरसी में स्थायी नियुक्ति के लिए विचार नहीं किया जाएगा।
प्रतिनियुक्ति की सामान्य अवधि प्रारंभ में एक (1) वर्ष की होगी, जिसे छत्तीसगढ़ शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। यदि आयोग आवश्यक समझे, तो वह चयनित उम्मीदवार को कार्यकाल पूरा होने से पहले उसके मूल विभाग में वापस भेज सकता है। ऐसे व्यक्ति का आयोग की नियमित स्थापना पर कोई ग्रहणाधिकार या दावा नहीं होगा।